छत्तीसगढ़ में वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता ही जा रहा है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल जनवरी से सितंबर के बीच वाहन चालकों से 19 करोड़ 96 लाख रुपए वसूले गए, लेकिन इस साल इसी अवधि में चालानी रकम बढ़कर 30 करोड़ 55 लाख रुपए हो गई है.
राज्य पुलिस मुख्यालय ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाईयों का जो आंकड़ा जारी किया है, उससे यह तथ्य सामने आया है. मोटे तौर पर देखने से साफ होता है कि पुलिस वाहन चालकों, खासकर दुपहिया और मध्यम आकार के गैर व्यावसायिक वाहन चलाने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाईयां तेज कर रही है. एक तरफ पुलिस सड़क पर लोगों की सुरक्षा के नाम पर ये कार्रवाईयां कर रहीं है, दूसरी ओर राज्य में हर साल रोड एक्सीडेंट की संख्या और उनमें जान गंवाने वालों की संख्या भी बढ़ रही है.
धमतरी, रायगढ़, जशपुर नारायणपुर में कसा शिकंजा
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में जनवरी से लेकर सितंबर तक के आंकड़ों से ये साफ होता है कि पुलिस और उससे जुड़े यातायात पुलिस के अमले सड़कों पर यातायात को आसान बनाने लोगों को सुविधा देने की जगह केवल और केवल चालानी कार्रवाईयों पर जो दे रहे हैं. राज्य के 33 जिलों में 2024 की तुलना में कितनी अधिक कार्रवाईयां तेज हुई हैं, उसका प्रमाण पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों से होता है. 2024 के मुकाबले 2025 में किस जिले में कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई है. धमतरी में 175.60 प्रतिशत, रायगढ़ में 138.85 प्रतिशत, जशपुर जिले में 131.85 प्रतिशत, नारायणपुर में 117.36 प्रतिशत जऔर दुर्ग जिले में 100 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.
कुछ जिलों में कमी भी राज्य के कुछ जिलों में चालानी
कार्रवाई पिछले साल के मुकाबले कम हुई है. जिन जिलों में यह कमी आई है, उनमें सारंगढ़ बिलाईगढ़ गौरेला-पेड्रा-मरवाही, कांकेर, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम शामिल हैं. कुल मिलाकर पुलिस वो पिछले खल सभी तरह के वाहनों के चालान के 4 लाख 51 हजार 49 प्रकरण बजाए थे, जबकि इस साल 6 लाख 86 हजार 983 प्रकरण बने हैं. चालानी कार्रवाई में यह वृद्धि 52.31 प्रतिशत है.
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