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नालंदा में बवाल! गुस्साए ग्रामीणों ने मंत्री श्रवण कुमार के काफिले को खदेड़ा, बॉडीगार्ड जख्मी

Bihar News: बिहार के नालंदा जिले के मलावां गांव में गुस्साए ग्रामीणों ने नीतीश सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री और जेडीयू के कद्दावर नेता श्रवण कुमार के काफिले पर हमला बोल दिया. इस हमले में मंत्री के बॉडीगार्ड को चोटें आईं. ग्रामीणों ने काफिले को करीब एक किलोमीटर तक खदेड़ दिया. आखिर क्या हुआ कि गांव वालों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया?

क्या है पूरा मामला?
दो दिन पहले 25 अगस्त को मलावां गांव में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें 9 लोगों की जान चली गई. इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया. ग्रामीणों का गुस्सा सड़क सुरक्षा और सरकारी लापरवाही को लेकर था. आज सुबह, पीड़ित परिवारों से मिलने और उन्हें सांत्वना देने के लिए मंत्री श्रवण कुमार और स्थानीय विधायक प्रेम मुखिया मलावां गांव पहुंचे.

सब कुछ ठीक चल रहा था. मंत्री ने पीड़ितों से मुलाकात की, बातचीत हुई और करीब आधे घंटे बाद वे वापस जाने के लिए निकले. लेकिन तभी, अचानक कुछ गुस्साए लोगों ने काफिले पर हमला कर दिया. पत्थरबाजी, चीख-पुकार और हंगामे के बीच मंत्री भागने की कोशिश करने लगे. ग्रामीणों ने नाराजगी में काफिले का पीछा किया, और बताया जा रहा कि यह सिलसिला करीब एक किलोमीटर तक चला. इस अफरा-तफरी में मंत्री के बॉडीगार्ड और कुछ सुरक्षाकर्मी घायल हो गए.

मंत्री और विधायक ने कैसे बचाई जान?
जैसे ही हालात बेकाबू हुए, श्रवण कुमार और प्रेम मुखिया किसी तरह मौके से निकल भागे. सूत्रों के मुताबिक, यह हमला इतना अचानक था कि सुरक्षाकर्मियों को भी संभलने का मौका नहीं मिला. पुलिस को तुरंत सूचना दी गई और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची. गांव में अब तनाव का माहौल है, और सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पुलिस का कहना है कि कुछ ‘असामाजिक तत्वों’ ने इस हमले को अंजाम दिया, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है.

नालंदा का सियासी कोण
नालंदा, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला है और यह घटना सियासी हलकों में हलचल मचा सकती है. 2025 के विधानसभा चुनाव करीब हैं और जेडीयू पहले से ही विपक्ष के निशाने पर है. यह हमला नीतीश सरकार की छवि पर सवाल उठा सकता है.पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, और गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.

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