बिलासपुर की विशेष एनआईए कोर्ट का बड़ा फैसला, माओवादी संगठन से जुड़े चार आरोपियों को मिली जमानत

बिलासपुर : बिलासपुर की विशेष एनआइए कोर्ट ने प्रतिबंधित माओवादी संगठन से संबंध रखने के आरोप में गरिफ्तार किए गए 4 आरोपियों की जमानत दे दी है. इस मामले में सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश एनआइए एक्ट सिराजुद्दीन कुरैशी की अदालत ने गिरधर नाग, सुकारू राम कोरसा, संदेव पोड़यामी और शंकर कोरसा की जमानत याचिकाएं स्वीकार करते हुए उन्हें सशर्त रिहा करने का आदेश दिया.

क्या है पूरा मामला?
दरअसल ये मामला रायपुर के डीडी नगर थाने में दर्ज अपराध से जुड़ा हुआ है. जिन आरोपियों को जमानत मिली है उनके खिलाफ बीएनएस की धाराओं 147, 148, 61 तथा गैरकानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम की धाराओं 17, 18, 19, 20, 38, 39 और 40 के तहत डीडी नगर थाने में अपराध दर्ज किया गया है. पुलिस के मुताबिक इन सभी ने प्रतिबंधित भाकपा संगठन के लिए शहरी नेटवर्क तैयार करने और सूचनाओं का आदान-प्रदान करने में अहम भूमिका निभाई.

कोर्ट में बचाव पक्ष ने कहा…
दूसरी तरफ बिलासपुर की विशेष एनआइए कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा है कि सभी आरोपियों का कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. कोर्ट ने भी पाया कि गिरिधर नाग के कब्जे से केवल एक फोन जब्त किया गया है साथ ही बाकी किसी भी आरोपी के पास से कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं की गई है.

कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि मामले में सह-आरोपित धनसिंह गावड़े को पूर्व में जमानत मिल चुकी है. अदालत ने जमानत मंजूर करते हुए कहा कि आरोपित लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं और ट्रायल के शीघ्र समाप्त होने की संभावना नहीं है. जमानत की शर्तों में प्रत्येक आरोपित को 20 हजार रुपये का निजी बंधपत्र और समान राशि का जमानती प्रस्तुत करना होगा.

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