रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से शुरू हो रहा है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा, छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब रविवार अवकाश के दिन भी विधानसभा की कार्यवाही होगी। सामान्य तौर पर सदन का अवकाश होता है, परंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर्तव्य बोध के आह्वान से प्रेरित होकर रविवार को सदन की कार्यवाही सुनिश्चित की गई, क्योंकि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद विधानसभा की पहली बैठक 14 दिसंबर को हुई थी। 25 वर्षों की यात्रा आज भव्य नए विधानसभा भवन तक आ पहुंची है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा, हम पेपरलेस और बायोमैट्रिक जैसी आधुनिक सुविधाओं की ओर बढ़ रहे हैं। 14 दिसंबर को छत्तीसगढ़ की विधानसभा के 25 साल पूरे हो रहे हैं। यह रजत जयंती वर्ष उपलब्धि से भरपूर रहा। उन्होंने कहा, हम पेपरलेस और बायोमैट्रिक जैसी आधुनिक सुविधाओं की ओर बढ़ रहे हैं। 14 दिसंबर को छत्तीसगढ़ की विधानसभा के 25 साल पूरे हो रहे हैं। बीते 25 वर्षों में कुल 76 सत्रों में 773 बैठकें हुई हैं और सदन की कार्यवाही 3456 घंटे 19 मिनट चली है।
पहले दिन विजन 2047 पर चर्चा
यह रजत जयंती वर्ष उपलब्धि से भरपूर रहा। रजत जयंती के परिप्रेक्ष्य में 14 दिसंबर 2024 को इस आयोजन की शुरुआत हुई। वृत्तचित्र और छायाचित्रों की प्रदर्शनी का आयोजन हुआ, यह नवंबर 2025 तक जारी रहा। उन्होंने कहा, सत्र के पहले दिन यानी 14 दिसंबर को विजन 2047 पर चर्चा होगी। यह चर्चा राष्ट्र और राज्य के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित होगी। इसके माध्यम से हम राज्य के दीर्घकालीन विकास संकल्पों पर विमर्श करेंगे।
सत्र में होंगी 4 बैठकें
उन्होंने बताया कि 14 से 17 दिसंबर तक विधानसभा का शीतकालीन सत्र आयोजित है। सत्र के दौरान कुल 4 बैठकें होंगी। 628 प्रश्नों की सूचना प्राप्त हुई है। 48 ध्यानाकर्षण, एक लोक महत्व का विषय, 9 अशासकीय संकल्प, शून्यकाल की 4, 77 याचिकाओं पर भी चर्चा होगी। 16 दिसंबर को अनुपूरक मांगों पर चर्चा होगी। छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा शर्तों का विनियम संशोधन विधेयक, 2025) विधानसभा में पारित किया जाएगा। विभागों से प्राप्त प्रतिवेदनों को भी पटल पर रखा जाएगा।
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