बिलासपुर जिले के जनपद पंचायत तखतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत सागर में सरपंच के खिलाफ (Demand To Remove The Village Head) गंभीर आरोपों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत के उपसरपंच और सभी पंचों ने एकजुट होकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए सरपंच अंजुलता पांडे को पद से हटाने की मांग की है। मामला भ्रष्टाचार और शासकीय धन के दुरुपयोग से जुड़ा बताया जा रहा है।
ग्राम पंचायत सागर में घमासान
उपसरपंच और पंचों का आरोप है कि ग्राम पंचायत सागर में मनरेगा और अन्य योजनाओं के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों में भारी अनियमितताएं की जा रही हैं। शिकायत के अनुसार चेक डैम निर्माण के लिए खसरा नंबर 1820 स्वीकृत था, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर इसे अन्य खसरा नंबरों पर बनवाया जा रहा है। इससे किसानों की जमीन और फसलों के डूबने का खतरा पैदा हो गया है। इतना ही नहीं, निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। जहां चार फीट नींव की ढलाई होनी थी, वहां महज एक फीट काम कर बड़े-बड़े बोल्डर पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
खसरा बदला,नींव घटी-कागजों से अलग जमीन की हकीकत
सबसे गंभीर आरोप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मरम्मत को लेकर सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2023-24 में आठ लाख रुपये की लागत से स्वास्थ्य केंद्र का पूर्ण नवीनीकरण हो चुका है। इसके बावजूद उसी भवन की दोबारा मरम्मत के नाम पर करीब साढ़े नौ लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। आरोप है कि यह राशि फर्जी तरीके से निकालने की तैयारी की जा रही है।पंचों और उपसरपंच ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच जिला स्तरीय टीम से कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो सरपंच को धारा 40 के तहत पद से हटाया जाए।
सरपंच को हटाने की मांग, (Demand To Remove The Village Head)
जनप्रतिनिधियो ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे चक्का जाम करेंगे और जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट की शरण भी लेंगे। अब सवाल यह है कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाता है।
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter