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Twisha Sharma Suicide Case: बिना लिगेचर मटेरियल ही दे दी PM रिपोर्ट, ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में दोबारा होगा पोस्टमार्टम

Twisha Sharma Suicide Case: भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा के संदिग्ध सुसाइड केस में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ी अनदेखी सामने आई है. ट्विशा सुसाइड केस में पोस्टमार्टम रिपोर्ट बिना लिगेचर मटेरियल के ही दे दी गई. फांसी लगाकर सुसाइड करने वाले केस में पुलिस को लिगेचर(फंदा) भी देना होता है. लेकिन पुलिस ने लिगेचर नहीं दिया. जिसके कारण बिना लिगेचर मटेरियल के ही पोस्टमार्टम किया गया.

दोबारा किया जाएगा शव का पोस्टमार्टम
पुलिस ने अपनी गलती को सुधारते हुए लिगेचर मटेरियल को भोपाल एम्स में जमा किया है. अब लिगेचर(फांसी लगाने वाले फंदे) के साथ दोबारा पोस्टमार्टम किया जाएगा. फंदे और गले के निशान का मैच कराने के बाद ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट सब्मिट की जाएगी. वहीं पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि किसी कारणवश लिगेचर नहीं दिया जा सका था. लेकिन अभी एम्स में फॉरेंसिक टीम के पास जमा करवा दिया गया है. पुलिस का कहना है कि कभी-कभी बिना लिगेचर मटेरियल के भी पोस्टमार्टम करवा दिया जाता है.

ट्विशा के परिजनों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात
बता दें कि ट्विशा की मौत के बाद पिछले 6 दिनों से शव भोपाल एम्स के मर्चुरी में रखा हुआ है. परिजनों ने शव को ले जाने से मना कर दिया है. परिजनों की मांग है कि केस को एमपी के बाहर यूपी ट्रांसफर किया जाए. इसको लेकर रविवार को ट्विशा के पिता समेत 2 लोगों ने सीएम आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मुलाकात की थी. मुख्यमंत्री ने पूरे मामले में संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है.

क्या होता है लिगेचर मटेरियल?
फांसी लगाकर संदिग्ध सुसाइड के मामले में पुलिस को लिगेचर मटेरियल सौंपना होता है. लिगेचर मटेरियल वो फांसी का फंदा या पट्टा होता है, जिससे व्यक्ति ने सुसाइड किया होता है. लिगेचर मटेरियल के जरिए डॉक्टर मृतक के गले पर पड़े निशान से मैच करवाते हैं. इस रिपोर्ट को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शामिल किया जाता है.

समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत पर आज सुनवाई
भोपाल में रिटायर्ड महिला जज गिरिबाला सिंह की बहू और पूर्व मिस पुणे ट्विशा शर्मा की 16 मई को संदिग्ध परिस्थितियों शव फांसी पर लटका मिला था. इसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सुसाइड आई. ट्विशा के परिजनों ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का आरोप लगाया था. मामले में पुलिस ने आरोपी गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह पर हत्या का केस दर्ज किया है. गिरिबाला सिंह की उम्र को देखते हुए अग्रिम जमानत मिल गई है. वहीं समर्थ सिंह की जमानत को लेकर सोमवार को यानी आज सुनवाई होनी है.

परिजनों का कहना है कि गिरिबाला सिंह खुद न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी रही हैं. इसलिए मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती है. ट्विशा के परिजनों ने पुलिस पर सही से कार्रवाई ना करने के साथ ही केस को यूपी ट्रांसफर करने के लिए कहा है.

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