कांग्रेस ने दिल्ली में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर जताई गंभीर चिंता, केंद्र व राज्य सरकार पर उठाए सवाल

दिल्ली में अपराधों को लेकर सियासी गर्माहट बढ़ती दिख रही है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार दोनों को निशाने पर लेते हुए कहा कि लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने दिल्लीवासियों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। देवेन्द्र यादव ने दिल्ली में बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि हत्या, लूट, अपहरण, गैंगस्टर गतिविधियां, नशे का कारोबार और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगातार इजाफा हुआ है। उनका आरोप है कि पिछले लगभग 12 वर्षों में हालात सुधरने के बजाय और बिगड़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे सरकार किसी भी पार्टी की रही हो, पुलिस की कार्यशैली और सुस्त रवैया अपराधियों के हौसले बढ़ाने का कारण बना है। राजधानी की जनता अब खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है।

कांग्रेस नेता देवेन्द्र यादव ने मांग की है कि दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तुरंत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक करें और कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस रणनीति बनाएं। उनका कहना है कि राजधानी में बढ़ते अपराधों और असुरक्षा के हालात को नजरअंदाज करना अब संभव नहीं है।

गुमशुदगी के मामलों ने बढ़ाई चिंता
कांग्रेस नेता देवेन्द्र यादव ने बताया कि 2026 के जनवरी, फरवरी और मार्च के शुरुआती दिनों में लगभग 800 लोग लापता हो चुके हैं, जिनमें दो तिहाई महिलाएं और लड़कियां हैं। उन्होंने कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर उच्च न्यायालय भी चिंता जता चुका है, लेकिन पुलिस अब तक प्रभावी समाधान निकालने में असफल रही है। यादव ने यह भी बताया कि हालात सुधारने के लिए पुलिस आयुक्त को कर्मियों की छुट्टियां रद्द करने जैसे कड़े कदम उठाने पड़े हैं, जो इस स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।

देवेन्द्र यादव ने कहा कि 2026-27 के दिल्ली बजट में सामाजिक कल्याण के लिए 10,537 करोड़ रुपये और महिलाओं एवं बाल विकास के लिए 7,406 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद, उनके अनुसार, जमीनी स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दावे तो करती है, लेकिन अपराधों पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रही है। उनके बयान से यह साफ होता है कि बजटीय प्रावधानों के बावजूद सुरक्षा में वास्तविक सुधार नहीं हुआ है।

हत्या की घटनाओं ने खोली कानून व्यवस्था की पोल
देवेन्द्र यादव ने हाल के कुछ गंभीर अपराधों का जिक्र करते हुए कहा कि ये घटनाएं दिल्ली में कानून-व्यवस्था की पूरी तरह चरमराने को साबित करती हैं। उनके अनुसार उत्तम नगर – होली के दिन 26 वर्षीय युवक की पीट-पीटकर हत्या, भजनपुरा – ईद के दिन चाकू मारकर हत्या , रोहिणी – गोली मारकर हत्या ,बवाना और नंद नगरी – हुई अन्य हत्याएं उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से स्पष्ट है कि अपराधियों में पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है, और राजधानी में सुरक्षा की स्थिति अत्यंत गंभीर है।

जनता की सुरक्षा बना बड़ा मुद्दा
कांग्रेस नेता देवेन्द्र यादव ने कहा कि राजधानी के लोग भय के साये में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हालात की गंभीरता को समझने के बजाय उसे नजरअंदाज कर रही है। उनके अनुसार, दिल्ली में कानून-व्यवस्था अब एक बड़ा और गंभीर मुद्दा बन चुका है, जिस पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। इस बयान से यह साफ होता है कि अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा राजनीतिक और प्रशासनिक प्राथमिकता बनने की मांग कर रही है।

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