Baruipur Rape Murder Encounter: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में हुए रेप और हत्या के सनसनीखेज मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराया है. पुलिस के इस एक्शन के बाद एक बार फिर पूरे केस को लेकर चर्चा तेज हो गई है. पुलिस की मानें तो सीन रिक्रिएशन के समय आरोपी ने भागने की कोशिश की थी. उसी दौरान । पुलिस ने पहले उसे रुकने की चेतावनी दी, लेकिन जब वह नहीं माना तो गोली चलानी पड़ी, जिसमें उसकी मौत हो गई. पुलिस की इस कार्रवाई पर अब टीएमसी नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं.
पूरा मामला उस समय सामने आया था, जब एक युवती का शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ. शुरुआती जांच में ही पुलिस को यौन उत्पीड़न और हत्या की आशंका हुई थी.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले को और गंभीर बना दिया. रिपोर्ट में युवती के शरीर पर कई चोटों के निशान मिले थे. इसके साथ ही प्राइवेट पार्ट पर ० गंभीर चोट, फेफड़ों में तरल पदार्थ और गला दबाने जैसे संकेत सामने आए, जिसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि पीड़िता के साथ बेहद क्रूरता की गई थी. जांच अधिकारियों का मानना है कि अपराध को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने की भी कोशिश की गई.
कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा?
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज तथा पूछताछ के आधार पर कई लोगों को हिरासत में लिया. इनमें मुख्य आरोपी प्रबाश मंडल की भूमिका सबसे अहम मानी गई. उससे लगातार पूछताछ की जा रही थी और पुलिस को उम्मीद थी कि उसकी निशानदेही पर कुछ और महत्वपूर्ण सबूत मिल सकते हैं.
हालांकि घटनास्थल पर ले जाने के दौरान हुई मुठभेड़ में उसकी मौत के बाद जांच का एक अहम पहलू समाप्त हो गया है. अब पुलिस अन्य आरोपियों से पूछताछ, फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट को मजबूत करने में जुटी है. अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. सभी आरोपियों के खिलाफ अदालत में ठोस सबूत पेश किए जाएंगे.
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