MP News: मऊगंज जिले के हनुमना जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत बलभद्रगढ़ में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है, जहां EOW रीवा की टीम ने रिश्वतखोरी में लिप्त ग्राम सचिव शरदचन्द्र गिरी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. इस कार्रवाई से पंचायत विभाग में हड़कंप मच गया है और जिलेभर में इस ट्रैप ऑपरेशन की चर्चा तेज हो गई है.
बताया जा रहा है कि आरोपी ग्राम सचिव पंचायत में हुए पुलिया निर्माण और पी.सी.सी. रोड निर्माण कार्य का भुगतान जारी करने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था. सचिव का कहना था कि भुगतान तभी संभव होगा, जब वह अपने डीएससी सिग्नेचर और ओटीपी से प्रक्रिया पूरी करेगा. इसी सिस्टम का फायदा उठाकर वह ठेकेदारों और पंचायत प्रतिनिधियों से मोटी रकम वसूलने में जुटा था.
सरपंच पति ने खोली भ्रष्टाचार की पोल
फरियादी प्रकाश यादव, जो ग्राम पंचायत बलभद्रगढ़ की सरपंच के पति बताए जा रहे हैं, ने 12 मई 2026 को भुगतान प्रक्रिया को लेकर आवेदन किया था. आरोप है कि आवेदन के बाद ग्राम सचिव शरदचन्द्र गिरी ने भुगतान निकालने के एवज में सीधे एक लाख रुपये की मांग कर डाली. सौदे की पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपये देने की बात तय हुई.
फरियादी ने मामले की शिकायत EOW रीवा से की, जिसके बाद पूरी रणनीति के तहत ट्रैप प्लान तैयार किया गया. गुरुवार 14 मई 2026 को जैसे ही आरोपी सचिव ने रिश्वत की पहली किश्त 10 हजार रुपये अपने हाथ में ली, वैसे ही EOW टीम ने उसे दबोच लिया.
EOW की कार्रवाई से पंचायत विभाग में मचा हड़कंप
रिश्वत लेते सचिव की गिरफ्तारी के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में सनसनी फैल गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायतों में भुगतान के नाम पर लंबे समय से कट मनी और कमीशनखोरी का खेल चल रहा है, लेकिन इस कार्रवाई ने भ्रष्ट कर्मचारियों के बीच डर पैदा कर दिया है.
इन अधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका
पूरे ट्रैप ऑपरेशन में EOW रीवा की टीम ने बेहद सटीक और गोपनीय तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया. टीम में उप पुलिस अधीक्षक सुश्री किरण किरो, निरीक्षक मोहित सक्सेना, उप निरीक्षक अभिषेक पाण्डेय, उप निरीक्षक पवन राज, उप निरीक्षक संतोष पाण्डेय, प्रधान आरक्षक पुष्पेन्द्र पटेल, प्रधान आरक्षक सत्यनारायण मिश्रा, प्रधान आरक्षक घनश्याम त्रिपाठी, महिला प्रधान आरक्षक पूजा सिंह गहरवार, आरक्षक धनंजय अग्निहोत्री एवं चालक संतोष मिश्रा शामिल रहे.
रिश्वतखोरी पर जीरो टॉलरेंस का बड़ा संदेश
मऊगंज में हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब सरकारी भुगतान के नाम पर अवैध वसूली करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर इसी तरह लगातार कार्रवाई होती रही, तो पंचायतों में फैले भ्रष्टाचार के नेटवर्क पर बड़ी चोट पहुंचेगी.
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