Breaking News

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, स्कूलों में मंत्रोच्चार के लिए किसी को नहीं किया जाएगा बाध्य, याचिका खारिज

बिलासपुर। शासन की ओर से जवाब आने के बाद प्रदेश के स्कूलों में मंत्रोच्चार कराए जाने के खिलाफ लगाई गई याचिका को हाईकोर्ट ने इस छूट के साथ खारिज किया कि किसी को भी मंत्रोच्चार के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। यदि बाध्य किया जाता है तो याचिकाकर्ता साक्ष्य के साथ फिर से याचिका पेश करने के लिए स्वतंत्र होगा।

बता दें कि राज्य सरकार ने प्रदेश के स्कूलों में मंत्रोच्चार शुरू करने का पत्र जारी किया था, जिसे चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ राज्य वक़्फ़ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलीम रिजवी व अन्य ने हाईकोर्ट याचिका लगाई। याचिका में कहा गया कि यह आदेश भारत के संविधान का उल्लंघन करता है।

सरकार जानबूझ कर हिन्दू मुस्लिम कर रही है, जबकि मुस्लिम और क्रिश्चियन धर्म में भी अच्छी बातें लिखी है, पर सिर्फ हिन्दू धर्म के मंत्रोच्चार स्कूलों में कराया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार के इस आदेश को रद्द करने की मांग की है।

मंत्रोच्चार के लिए दबाव डाला तो फिर पेश कर सकेंगे याचिका
याचिका में गुरुवार को जस्टिस एके प्रसाद की कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से कहा गया कि अभी किसी भी स्कूल में मंत्रोच्चार नहीं कराया जा रहा है। इसके अलावा यदि शुरू किया जाता है तो जिन छात्रों को मंत्रोच्चार करना है वे करे व जिन्हें नहीं करना है मत करे, किसी को बाध्य नहीं किया जाएगा।

शासन के इस जवाब पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता एडवोकेट डाॅ. आमिर खान से कहा कि मंत्रोच्चार के लिए किसी को बाध्य नहीं किया जाएगा। अगर इसके बाद भी कही मंत्रोच्चार के लिए दबाव डाला जाता है तो आप साक्ष्यों के साथ पुनः याचिका पेश करने स्वतंत्र होंगे। इसके साथ कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।

Check Also

CG News: ऑफिस के काम में देरी हुई तो कलेक्टर ने खुद पर लगाया जुर्माना, मुंगेली में मिसाल बनी पहल

CG News Mungeli Collector: आमतौर पर सरकारी दफ्तरों में फाइलें लेट होने पर सिर्फ नोटिस …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *