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Ujjain: ससुर ने किया बहू का कन्‍यादान, 7 लाख रुपये खर्च करके कराया पुनर्विवाह, कैंसर से हुई थी बेटे की मौत

Ujjain News: मध्‍य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में एक परिवार ने सामज के बीच बेहद संवेदनशीलता और मानवता की अनोखी मिसाल पेश की है. परिवार में बेटे का कैंसर से निधन होने के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने अपनी विधवा बहू को बेटी का दर्जा दिया और उसका पुनर्विवाह कराया है.

इतना ही नहीं, उसके ससुर ने पिता की भूमिका भी निभाई और अपनी बहू का कन्‍यादान किया. परिवार ने इस शादी का पूरा खर्च भी स्‍वयं उठाया और बहू की विदाई के समय पूर परिवार भावुक हो गया.

3 साल पहले हुई थी कपिल की मौत
उज्जैन शहर के जेथल में रहने वाले दिनेश बैरागी के छोटे बेटे कपिल बैरागी की शादी साल 2018 में विदिशा की रहने वाली प्रियंका से हुई थी. विवाह के करीब 3 साल बाद 2021 में कपिल को पैर में कैंसर होने का पता चला था, जिसका करीब 2 साल तक इलाज चला, लेकिन 6 जून 2023 को कैंसर के कारण कप‍िल का निधन हो गया.

सास-ससुर ने किया पुनर्विवाह का फैसला
अपने पति के निधन के बाद प्रियंका ससुराल में रहने लगी. इस दौरान ससुर दिनेश बैरागी और उनकी सास कैलाश बाई ने अपनी बहू के भविष्‍य को देखते हुए चिंता जताई और उसका पुनर्विवाह करने का फैसला किया.

परिवार ने विदिशा में रहने वाले गोविंद के साथ बहू का रिश्‍ता तय किया. इसके बाद भोपाल के एक रिसॉर्ट में हिंदू री‍ति-रिवाज और सामाजिक परंपराओं के मुताबिक शादी कराई. इस विवाह समारोह में दोनों परिवारों के रिश्‍तेदार और समाज के लोग बड़ी संख्‍या में शामिल हुए.

ससुर ने किया कन्‍यादान
इस पूरे कार्यक्रम में सबसे भावुक करने वाला क्षण तब आया जब दिनेश बैरागी ने पिता की भूमिका निभाई और अपनी बहू प्र‍ियंका का कन्‍यादान किया. विवाह का पूरा खर्च भी उन्‍होंने स्‍वयं ही उठाया.

शादी में खर्च किए 7 लाख रुपये
प्रियंका के देवर दीपक बैरागी ने बताया कि छोटे भाई की मौत के बाद परिवार के सदस्‍यों ने तय किया था कि भाभी का जीवन एक बार दोबारा बसाया जाएगा. शादी समारोह पर करीब 7 लाख रुपये खर्च किए गए. लगभग 400 लोगों के लिए भोजन की व्‍यवस्‍था कराई गई. इसके साथ ही गृहस्‍थी जीवन का आवश्‍यक समान और दहेज भी दिया गया. शादी के लिए पूरा परिवार भोपाल पहुंचा और धूमधाम से विवाह काे संपन्न कराया गया.

बेटी बनाकर विदा किया
प्रियंका के ससुर दिनेश बैरागी ने कहा कि उन्‍हाेंने अपनी बहू का भविष्‍य अंधकार में नहीं जाने देने का फैसला किया और उसको बेहतर जीवन देने का संकल्‍प लिया था. उन्‍होंने कहा कि, ‘बहू बनाकर लाया था, बेटी बनाकर विदा करुंगा.’ और मैंने अपने इस वादे का निभाकर दिखाया है.

वहीं पू‍नर्विवाह पर प्रियंका के पिता रामबाबू ने भावुक होकर कहा कि उन्‍हाेंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनकी बेटी को ससुराल में इतना सम्मान मिलेगा. उन्‍होंने आगे कहा कि प्रियंका के ससुर ने जिस तरह पिता बनकर बेटी का कन्‍यादान किया है वह समाज के लिए अनोखा और प्रेरणादायक उदाहरण है.

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