रायपुर। तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी करीब 7 करोड़ रुपये के गबन से जुड़े मामले में की गई है, जिसमें संग्राहकों को दिए जाने वाले बोनस की राशि का बड़ा हिस्सा हड़प लिया गया था. EOW ने आज सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 30 जून तक पुलिस रिमांड में ले लिया है. इस दौरान पुलिस सभी आरोपियों से मामले में पूछताछ करेगी.
पद के दुरुपयोग और षड्यंत्र का मामला
जांच में सामने आया है कि तत्कालीन वनमंडलाधिकारी अशोक कुमार पटेल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए वन विभाग के अन्य अधिकारियों और प्राथमिक लघुवनोपज समितियों के प्रबंधकों व पोषक अधिकारियों के साथ मिलकर वर्ष 2021 और 2022 के तेंदूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक में संग्राहकों को दी जाने वाली राशि का एक बड़ा हिस्सा गबन कर कुछ हिस्सा निजी लोगों के साथ बंदरबांट किया था. EOW ने इस मामले में भादवि की धारा 409 (विश्वासघात) और 120बी (षड्यंत्र) के तहत अपराध क्रमांक 26/2025 दर्ज किया था.

गिरफ्तार किए गए आरोपी
EOW ने सबूतों के आधार पर जिन 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं:
वन विभाग के 4 अधिकारी/कर्मी:
- चैतूराम बघेल (उप वनक्षेत्रपाल)
- देवनाथ भारद्वाज (उप वनक्षेत्रपाल)
- पोड़ियामी इड़िमा उर्फ हिडमा (उप वनक्षेत्रपाल)
- मनीष कुमार बारसे (वनरक्षक)
7 लघुवनोपज समिति के प्रबंधक/सहयोगी:
- पायम सत्यनारायण उर्फ शत्रु
- मोहम्मद शरीफ
- सी.एच. रमना (चिटूरी)
- सुनील नुप्पो
- रवि कुमार गुप्ता
- आयतू कोरसा
- मनोज कवासी
सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
पहले ही हो चुकी है DFO की गिरफ्तारी
उल्लेखनीय है कि इस घोटाले के मुख्य आरोपी और तत्कालीन वनमंडलाधिकारी अशोक कुमार पटेल को पहले ही 17 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया जा चुका है. EOW अधिकारियों के अनुसार, प्रकरण की जांच अभी जारी है, और जल्द ही इस गबन से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी कार्रवाई की जाएगी.
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