रायपुर: छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है. राज्य के जीएडी यानी कि सामान्य प्रशासन विभाग ने सीधी भर्ती परीक्षाओं में भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित पदों को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि, अगर राज्य में किसी भी सीधी भर्ती परीक्षा के दौरान भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित पदों पर योग्य अभ्यर्थी नहीं मिल पाते हैं, तो नियम के तहत उन पदों को खाली रखकर अगले वर्ष के लिए आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. इसके बजाय चयन सूची या मेरिट यानी प्रावीण्य सूची के आधार पर उन रिक्त पदों को गैर-भूतपूर्व सैनिक यानी सामान्य अभ्यर्थियों से भर लिया जाएगा.
विभाग के सचिव ने जारी किया आदेश
दरअसल, अभी होता यह था कि कई विभागों की सीधी भर्तियों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित पदों पर योग्य अभ्यर्थी नहीं मिल पाते थे. ऐसी स्थिति में ये पद खाली रह जाते थे और इन्हें अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड कर दिया जाता था. इससे न सिर्फ पद खाली रहते थे बल्कि सामान्य अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था. कई बार तो चयन सूचियां भी इसी वजह से रुकी रहती थीं. विभाग के सचिव रजत कुमार ने इस आदेश को जारी करते हुए उन तमाम भर्तियों को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है, जिनमें आरक्षित वर्ग के योग्य उम्मीदवार न मिलने के कारण पद खाली रह जाते थे .
बेरोजगार युवाओं के लिए राहत भरी खबर
यह कदम बेरोजगार युवाओं के लिए राहत लेकर आया है, क्योंकि इससे अधिक से अधिक पदों पर चयन सुनिश्चित हो सकेगा और पद खाली नहीं रहेंगे. बता दें, सामान्य प्रशासन विभाग ने यह पूरी प्रक्रिया छत्तीसगढ़ के भूतपूर्व सैनिक नियम, 1985 के नियम 4 (3) के तहत स्पष्ट की है.
अभ्यर्थियों को मिली बड़ी राहत
इतना ही नहीं शासन ने अभ्यर्थियों को एक और बड़ी राहत दी है. विभाग ने विशेष रूप से यह भी साफ कर दिया है कि इन पदों को गैर-भूतपूर्व सैनिकों से भरने के लिए अब राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड या किसी अन्य संबंधित कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी. इससे पहले NOC लेने की औपचारिकता के कारण भर्ती प्रक्रिया में महीनों का समय लग जाता था.
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