बक्सर में गंगा नदी इन दिनों अपने उफान पर है, केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बक्सर में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 59.320 मीटर को पार कर गया है, जिससे जिले में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है. खासकर बक्सर, चौसा, सिमरी, चक्की और ब्रह्मपुर प्रखंडों के निचले इलाकों में गंगा नदी का पानी खेतों और खलिहानों तक पहुंच गया है.
जिला प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क
बुधवार की सुबह ग्रामीणों ने जब खेतों में गंगा का पानी देखा, तो लोग खुद को और अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे. जिला प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है. सभी प्रखंडों में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं. साथ ही अंचल और प्रखंड अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
बाढ़ नियंत्रण विभाग ने बताया कि कोइलवर तटबंध समेत तमाम संवेदनशील तटबंधों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. फ्लड फाइटिंग टीमों को हर 3 किलोमीटर पर तैनात किया गया है. साथ ही आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है, ताकि किसी आपात स्थिति से निपटा जा सके.
बक्सर जिलाधिकारी डॉ. विद्यानंद सिंह और एसपी शुभम आर्य ने खुद गंगा किनारे पहुंच कर हालात का जायजा लिया. जिलाधिकारी ने जलस्तर के चेतावनी सीमा पार करने की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रशासन पूरी तरह तैयार है और हर प्रखंड में एडवाइजरी जारी कर दी गई है.
वहीं एसपी शुभम आर्य ने बताया कि तटबंधों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल को मुस्तैद किया गया है. रामदास ओपी थाना क्षेत्र बाढ़ के पानी से घिर गया है, वहां नाव की व्यवस्था की गई है और थाना कार्य अभी भी सुचारु रूप से संचालित हो रहा है. हालांकि इस गंभीर स्थिति में भी गंगा घाटों पर लोगों की लापरवाही थम नहीं रही.
एसपी शुभम आर्य की लोगों से अपील
बच्चे और बड़े गंगा में स्नान करते नजर आ रहे हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है. स्थानीय पुजारी लाला बाबा ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अभिभावकों के साथ-साथ प्रशासन को भी यहां लगातार निगरानी रखनी चाहिए, ताकि कोई अनहोनी न हो. वहीं एसपी शुभम आर्य ने लोगों से अपील की है कि अपने बच्चों पर ध्यान रखें, गंगा किनारे न जाने दें.
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