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CG News: भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, छूट के साथ जमानत याचिका खारिज

CG News: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3200 करोड़ के शराब घोटाले केस में फंसे चैतन्य बघेल को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है. पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को भी इस घोटाले में आरोपी बनाया गया है. ऐसे में चैतन्य बघेल ने EOW की कार्रवाई को गलत करार देते हुए हाई कोर्ट का रुख किया है. इस मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने जमानत याचिका को छूट के साथ खारिज कर दिया है.

चैतन्य की जमानत याचिका खारिज
हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने चैतन्य की जमानत याचिका को छूट (लिबर्टी) के साथ खारिज कर दिया. कोर्ट ने साफ कहा कि यदि चैतन्य को राहत चाहिए तो वह फ्रेश आवेदन पेश करें, जिसमें केवल अपने मामले से संबंधित ही प्रार्थना हो. सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े, जबकि एन. हरिहरन और हर्षवर्धन परगानिया ने चैतन्य की ओर से पैरवी की. यह याचिका EOW की जांच रिपोर्ट की वैधता को चुनौती देने के लिए दायर की गई थी. पहली सुनवाई में राहत नहीं मिलने के बाद अब उनकी कानूनी टीम कल नई याचिका दाखिल करेगी.

14 दिन की न्यायिक रिमांड पर है चैतन्य
गौरतलब है कि इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कस्टोडियल रिमांड समाप्त होने के बाद शनिवार 23 अगस्त को चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश किया गया था. यहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है. अब इस मामले में 6 सितंबर को अगली सुनवाई होगी.

3200 करोड़ के शराब घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसे चैतन्य बघेल की जमानत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई थी, जिस पर 4 अगस्त को सुनवाई होनी थी. SC ने इस याचिका पर सुनाई से इनकार करते हुए हाई कोर्ट जाने की सलाह दी थी. इसके बाद उनका मामला हाई कोर्ट पहुंचा है. पहली सुनवाई में राहत नहीं मिलने के बाद इस मामले पर दूसरी बार सुनवाई हुई और जमानत याचिका खारिज हो गई.

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