रायपुर. देवेंद्र नगर स्थित एक्सिस बैंक शाखा में ग्राहक के खाते से करीब 14.97 लाख रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. आरोप है कि बैंक के उप प्रबंधक ने ग्राहक के खाते में दर्ज मोबाइल नंबर को फर्जी कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म के जरिए बदल दिया. इसके बाद नए मोबाइल नंबर के माध्यम से बैंक के मोबाइल एप का इस्तेमाल कर ग्राहक की एफडी तोड़ी गई और खाते की रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर कर नकद निकाल ली गई. मामले में बैंक की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
Axis Bank के शाखा प्रमुख रितेन्द्र रामटेके की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, देवेंद्र नगर शाखा में पदस्थ उप प्रबंधक कुलदीप सिंह पर आरोप है कि उसने 17 जुलाई 2026 को खाताधारक सुषमा कुमार के खाते में दर्ज मोबाइल नंबर को कथित तौर पर फर्जी कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म के माध्यम से बदल दिया. बैंक रिकॉर्ड में नया मोबाइल नंबर दर्ज होने के बाद अज्ञात व्यक्ति ने उसी नंबर के जरिए एक्सिस बैंक के मोबाइल एप का इस्तेमाल किया.
एफडी तोड़कर खाते की रकम दूसरे खाते में भेजी
शिकायत के अनुसार, मोबाइल एप के माध्यम से सुषमा कुमार की करीब 14.40 लाख रुपए की सावधि जमा को समय से पहले बंद कर दिया गया. इसकी राशि उनके बचत खाते में जमा होने के बाद खाते में उपलब्ध अन्य रकम सहित कुल 14,97,451.32 रुपए विभिन्न लेन-देन के जरिए इंडियन सेल्स के खाते में स्थानांतरित किए गए. यह खाता योगेश येडे के नाम से संचालित होने की जानकारी शिकायत में दी गई है. इसके अलावा 151.32 रुपए की एक राशि भी एक अन्य खाते में स्थानांतरित किए जाने का उल्लेख शिकायत में है. बैंक के मुताबिक, इंडियन सेल्स के खाते में रकम पहुंचने के बाद कई लेन-देन के माध्यम से धनराशि निकाली गई. इनमें चेक और एटीएम के जरिए नकद आहरण भी शामिल है.
7 अगस्त को ग्राहक को हुआ मामले का पता
शिकायत के मुताबिक, 7 अगस्त को खाताधारक सुषमा कुमार एक्सिस बैंक की जगमल चौक शाखा पहुंचीं और बताया कि उनके खाते में दर्ज मोबाइल नंबर उनकी जानकारी और सहमति के बिना बदल दिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सावधि जमा को समय से पहले बंद कर उसकी राशि निकाल ली गई है. इसके बाद बैंक स्तर पर जांच की गई तो खाते से कुल 14,97,451.32 रुपये की संदिग्ध निकासी और ट्रांसफर का पता चला.
बैंक कर्मचारी ने गलती स्वीकार करने का दावा
बैंक की शिकायत में कहा गया है कि उप प्रबंधक कुलदीप सिंह ने अपनी चूक स्वीकार करते हुए घटना के संबंध में लिखित बयान दिया है. उसने यह भी बताया कि उसके परिचित नरेश साहू के माध्यम से 10 अगस्त को पीड़ित के खाते में एक लाख रुपए जमा कराए गए. बैंक ने मामले से संबंधित ग्राहक अनुरोध फॉर्म, दोनों खातों के स्टेटमेंट, चेक की प्रतियां और कर्मचारी के कथित स्वीकारोक्ति पत्र सहित विभिन्न दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं.
पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
बैंक की लिखित शिकायत पर प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाए जाने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है. शिकायत में बैंक कर्मचारी कुलदीप सिंह और इंडियन सेल्स के प्रोपराइटर योगेश येडे के विरुद्ध धोखाधड़ी, छल, प्रतिरूपण और आपराधिक न्यास भंग सहित अन्य संबंधित अपराधों की जांच और कार्रवाई का अनुरोध किया गया है. पुलिस अब फर्जी कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म तैयार किए जाने, मोबाइल नंबर बदलने, बैंक एप के जरिए एफडी तोड़ने, रकम ट्रांसफर करने तथा चेक और एटीएम से राशि निकालने की पूरी कड़ी की जांच कर रही है. मामले में बैंक के डिजिटल रिकॉर्ड, लेन-देन का विवरण, संबंधित खातों और आरोपियों की भूमिका की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter