Jharkhand PDS: 2.62 करोड़ लोगों को समय पर मिलेगा राशन! सरकार ने जारी किए ₹172.73 करोड़

Jharkhand PDS: झारखंड में जनवितरण प्रणाली यानी पीडीएस केंद्र मजबूत होंगे। इन राशन दुकानों को न सिर्फ मजबूत किया जाएगा बल्कि 2.62 करोड़ जनता को समय पर राशन मिलने का मार्ग भी प्रशस्त होगा। झारखंड के 25,000 से अधिक जनवितरण प्रणाली (PDS) दुकानों को मजबूत करने और 2.62 करोड़ से अधिक लाभुकों को समय पर राशन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए 172.73 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। ये राशि केंद्र सरकार ने जारी की है।

खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत हथालन-परिवहन एवं डीलर मार्जिन योजना के क्रियान्वयन के लिए यह राशि जारी की है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए है, जिसका भुगतान एसएनए-स्पर्श के तहत किया जाएगा।

बता दें कि बीते मई माह में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीडीएस में राशन परिवहन एवं हैंडलिंग सहायता योजना को आगे जारी रखने का निर्णय लिया था। अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक पांच वर्षों के लिए इस योजना में कुल 25,530 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी, जिसका उद्देश्य गरीबों तक समय पर राशन पहुंचाना सुनिश्चित करना है। इसी

दो मदों पर आवंटित राशि होगी खर्च
आवंटित राशि मुख्यतः दो प्रमुख मदों पर खर्च की जाएगी। पहली मद के तहत भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों से झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (जेएसएफसी एंड सीएससीएल) के गोदामों तक खाद्यान्न की हथालन (लोडिंग-अनलोडिंग) एवं परिवहन पर राशि खर्च होगी। साथ ही जेएसएफसी एंड सीएससीएल के गोदामों से पीडीएस दुकानों तक खाद्यान्न की डोर-स्टेप डिलीवरी के लिए परिवहन अभिकर्ताओं को भुगतान किया जाएगा।

एनएफएसए में राज्य के 60.55 लाख परिवार आच्छादित
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राज्य के सभी 24 जिलों में कुल 60.55 लाख (60,54,736) परिवार आच्छादित हैं, जिनमें कुल 2.62 करोड़ (2,62,32,949) लाभुक शामिल हैं। एनएफएसए के तहत मुख्य रूप से दो प्रकार के राशन कार्ड बनाए जाते हैं।

प्राथमिकता वाले परिवार (पीएचएच) और
यह कार्ड उन गरीब और कम आय वाले परिवारों के लिए बनता है, जो गरीबी रेखा के करीब हैं। इसमें कुल 51.45 लाख कार्डधारी हैं, जिनमें 2.28 करोड़ सदस्य लाभुक हैं।

अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई)
यह कार्ड समाज के सबसे गरीब और कमजोर परिवारों जैसे भूमिहीन मजदूर, निराश्रित और अत्यंत गरीब लोगों के लिए बनता है। इसमें कुल 9.09 लाख कार्डधारी हैं, जिनमें 34.28 लाख सदस्य लाभुक हैं।

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