रायपुर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर मोनिका सचदेव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के आरोपों के चलते मोनिका सचदेव को 6 जिलों से जिला बदर कर दिया गया है. पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए आदतन अपराधियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. लेकिन क्या आप जानते है कि मोनिका सचदेव कौन है.
हिस्ट्रीशीटर मोनिका सचदेव कौन है?
पुलिस के मुताबिक, मोनिका सचदेव टिकरापारा थाना क्षेत्र की सक्रिय गुंडा-बदमाश एवं गैंग हिस्ट्रीशीटर है. उसके खिलाफ वर्ष 2005 से अब तक 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं. मोनिका के खिलाफ सिटी कोतवाली, टिकरापारा, गोलबाजार और सिविल लाइन थानों में ये मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें मारपीट, अवैध वसूली, लूट, आबकारी एक्ट और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं.

रावतपुरा कॉलोनी क्षेत्र में भय का माहौल
पुलिस उपायुक्त पश्चिम क्षेत्र के प्रतिवेदन के आधार पर मामले की जांच की गई. पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान उसकी गतिविधियों से रावतपुरा कॉलोनी क्षेत्र में भय का माहौल होने और लोगों के शिकायत करने से डरने की बात सामने आई. मामले की जांच के बाद पुलिस कमिश्नर रायपुर के तरफ से 2 महीने के लिए जिला बदर का आदेश जारी किया गया है. यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क)(ख) के तहत की गई है. यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त पश्चिम क्षेत्र की रिपोर्ट के आधार पर हुई.
महिला प्रहरी का तोड़ दिया था हाथ
कुछ साल पहले मोनिका सचदेव ने जेल के अंदर एक महिला प्रहरी को इस कदर पीटा कि उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया और उसके हाथ पर प्लास्टर करना पड़ गया. मोनिका ने इस दौरान महिला प्रहरी का जमकर डराया धमकाया. इस मामले में भी रायपुर पुलिस द्वारा मोनिका के खिलाफ केस दर्द किया गया था.
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