Mohammed Shami: हसीन जहां की गुजारा भत्ते वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, मोहम्मद शमी से चार हफ्ते में मांगा जवाब

भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्‍मद शमी की पत्नी हसीन जहां की ओर से गुजारा भत्ता बढ़ाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने इस मामले में पश्च‍िम बंगाल सरकार और क्रिकेटर मोहम्‍मद शमी से चार हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है. अब इस मामले पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होनी है.

हसाीन जहां ने कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को दी चुनौती
दरअसल, हसीन जहां ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है , जिसमें उन्‍हें डेढ़ लाख रुपये और बेटी के लिए ढाई लाख रुपये मासिक भत्ता देने का निर्देश दिया गया था. कोर्ट के इस निर्देश पर हसीन जहां का कहना है कि तय कि गई राशि उनके गुजारे के लिए पर्याप्‍त नहीं है, इसलिए उन्‍होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके गुजारा भत्ता बढ़ाने की मांग की है.

2018 में मोहम्‍मद शमी से अलग हुई थी हसीन जहां
मोहम्मद शमी ने वर्ष 2014 में मॉडल हसीन जहां से निकाह किया था, लेकिन 2018 में दोनों के बीच विवाद गहराने के बाद हसीन जहां उनसे अलग हो गईं. उन्होंने शमी पर घरेलू हिंसा और चरित्र हनन जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. हसीन जहां तब से ही मोहम्‍मद शमी से अलग अपनी बेटी के साथ रह रही हैं. अलग होने के बाद उन्‍होंने मोहम्‍मद शमी से गुजारा भत्ता प्राप्‍त करने के लिए कोर्ट का दरवाज खटखटाया था, जिसके बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में मोहम्‍मद शमी को निर्देश दिया था कि वो हर महीने 4 लाख रुपये पत्नी और बेटी के भरण-पोषण के तौर पर हसीन जहां को देंगे.

हसीन जहां ने मोहम्‍मद शमी पर लगाया था आरोप
जुलाई महीने में भी हसीन जहां ने सोशल मीडिया पर शमी पर आरोप लगाया था कि वह उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं और अपराधियों को उनके खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं. अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने शमी को ‘चरित्रहीन, लालची और मतलबी’ बताया था और लिखा था कि सात साल की कानूनी लड़ाई के बाद अब वह अपने अधिकारों के लिए कानून का सहारा लेंगी. उन्होंने यह भी कहा था कि जिस दिन मोहम्मद शमी का बुरा समय शुरू होगा, वही लोग उनकी जिंदगी मुश्किल बना देंगे।

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