George Kurian Resigns: केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है. इस पूरे मामले की जानकारी राष्ट्रपति भवन की तरफ से मंगलवार को दी गई. प्रेस रिलीज में बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पीएम नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार किया है. इस इस्तीफे की अब तक साफ वजह किसी ने भी नहीं बताई है.
जॉर्ज कुरियन राज्यसभा के सदस्य थे. 21 जून को उनका कार्यकाल खत्म हो गया था. हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया गया था. यही वजह है कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है.
राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह भी है कि केरल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को किस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद थी, वैसा प्रदर्शन देखने को नहीं मिला. लिहाजा केरल से आने वाले जॉर्ज कुरियन को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है.
किन-किन पदों पर रहे जॉर्ज कुरियन?
जॉर्ज कुरियन के राजनीतिक सफर की बात की जाए तो वह बीजेपी के सीनियर नेताओं में गिने जाते हैं. जिस समय उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया उस समय अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री के पद पर थे. बीजेपी ने पहले ही संकेत दे दिया था कि पार्टी जॉर्ज कुरियन को फिर राज्यसभा नहीं भेज रहे हैं. जॉर्ज कुरियन की जगह मध्य प्रदेश से बीजेपी के महासचिव तरुण चुग को राज्यसभा का टिकट दिया गया.
कोरियन एक समय पर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में वकालत किया करते थे. बीजेपी की स्थापना के साथ ही वह जुड़े थे. यही वजह है कि उन्हें सीनियर नेताओं में गिना जाता है. 9 जून 2024 को उन्हें मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली थी. उस समय केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया था.
हालांकि बाद में उन्हें अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और मत्स्य पालन के अलावा पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का प्रभार भी दिया गया था. कुरियन से पहले दक्षिण भारत में अन्नामलाई भी इस्तीफा दे चुके हैं.
कौन हैं जॉर्ज कुरियन
जॉर्ज कुरियन का जन्म 20 सितंबर, 1960 को केरल के कोट्टायम जिले की एट्टुमानूर नगरपालिका के नाम्बियाकुलम में हुआ था. उन्होंने अपने गृहनगर में स्कूली शिक्षा पूरी की और उसके बाद लॉ (कानून) में ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन किया.
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