नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रमुख जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार फिलिस्तीन के मुद्दे पर “पाखंडपूर्ण बयान” देती है, जबकि हकीकत में उसने फिलिस्तीनियों को छोड़ दिया है।
रमेश ने कहा कि भारत 18 नवंबर 1988 को फिलिस्तीन को देश के रूप में मान्यता देने वाले शुरुआती देशों में शामिल था, लेकिन मौजूदा सरकार अपने ऐतिहासिक रुख से पीछे हटती दिख रही है।
गाजा और वेस्ट बैंक का मुद्दा
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इजराइल द्वारा कब्जे वाले वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों को बेदखल करने की घटनाएं बढ़ी हैं और गाजा में आम नागरिकों पर हमले जारी हैं। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया इन घटनाओं की आलोचना कर रही है।
नेतन्याहू से मुलाकात पर सवाल
रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि पीएम मोदी अपने “अच्छे दोस्त” बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात करेंगे, जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लंबित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल में विपक्ष ने संसद (नेसेट) में पीएम मोदी के संभावित संबोधन के बहिष्कार की धमकी दी है।
दो दिन का दौरा
प्रधानमंत्री मोदी बुधवार से दो दिवसीय इजराइल दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरान वे नेसेट को संबोधित करेंगे और इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग से भी मुलाकात करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब गाजा पट्टी में हालात तनावपूर्ण हैं। वहीं, सरकार की ओर से इसे भारत-इजराइल संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया जा रहा है।
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