Jabalpur Cruise Incident: ‘हम मौत को छूकर लौटे है, कलेजा हलक में था’, बरमी डैम हादसे में बची महिला ने सुनाई आपबीती

Jabalpur Cruise Incident: जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. इस हादसे में 13 लोगों को जान चली गई थी. वहीं रेस्क्यू टीम द्वारा कई लोगों को बचाया भी गया था. इस हादसे में मौत के मुंह से लौटी चश्मदीद और पीड़ित वाराणसी निवासी सविता वर्मा ने आपबीती और अपना दर्द साझा किया है. सविता वर्मा ने निजी अस्पतालों और क्रू मेंबरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

वाराणसी की सविता ने बताया सच
वाराणसी की सविता ने बताया है कि हादसे के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तब उनके फोन भी काम नहीं कर रहे थे और जेब में रखे पैसे भी पूरी तरह से भीग चुके थे. सविता को नहीं पता था कि उन्हें किस अस्पताल में ले जाया जा रहा है. वह कहती है हम अपने लोगों के बारे में लगातार पूछ रहे थे लेकि कोई भी जानकारी देने वाला नहीं था.

अस्पताल ने सबसे पहले थमा दिया बिल
उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में सबसे पहले बिल थमा दिया गया. सविता के अनुसार, एक टीटी और पेनकिलर लगाने के बाद 4700 रुपये का बिल दे दिया गया. सविता की बहन को तीन-चार टांके लगाए गए. लेकिन कोई भी दवा नहीं दी गई. बाद में बिल का भुगतान वाराणसी में रहने वाले भाई ने किया. सविता का कहना है कि वह पिछले 16 साल से इजरायल में रह रही थी पिछले कुछ बर्षों से वहां यु्द्ध जैसे माहौल में थीं. उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि अपने देश में भी इस तरह के हादसे का सामना करना पड़ेगा.

क्रूज पटलने से पहले की कहानी
सविता ने बताया कि क्रूज में तो लाइफ जैकेट के लिए कोई नियम सख्ती से लागू था और न ही क्रू मेंमर को आपात स्थिति ने निपटना आता था. हादसे को याद करते हुए सविता के आंसू छलक पड़े, उन्होंने कहा कि अचानक मौसम बदला और क्रूज में पानी भरने लगा. अंदर बैठे सभी लोग घबरा गए, बच्चे चिल्ला रहे थे, लेकिन क्रू मेंबर्स की जगह यात्री ही एक दूसरे की मदद कर रहे थे. सविता के 22 बेटे ने खुद लाइफ जैकेट पहनने की बजाय दूसरों की मदद की और नाव से पानी बाहर निकालने की कोशिश की.

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