रायपुर। बीजापुर जिले में हुए तेंदूपत्ता अग्निकांड को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। वन मंत्री केदार कश्यप ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए बीजापुर के डीएफओ रमेश कुमार जांगड़े को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। उन्हें प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय रायपुर में संबद्ध किया गया है।
वन मंत्री के निर्देश पर तेंदूपत्ता संग्रहण और प्रबंधन में अनुभवी अधिकारी जाधव सागर रामचंद्र को बीजापुर का नया डीएफओ नियुक्त किया गया है। शासन का कहना है कि वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों से किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि तेंदूपत्ता केवल वन उपज नहीं, बल्कि हजारों आदिवासी और वनवासी परिवारों की आजीविका का आधार है। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी।
बताया गया है कि 25 मई 2026 को बीजापुर जिले के इटपाल स्थित एक निजी गोदाम में भीषण आग लग गई थी, जिसमें बड़ी मात्रा में संग्रहित तेंदूपत्ता जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक इस घटना में करीब 10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
सरकार ने घटना के कारणों, सुरक्षा व्यवस्था, गोदाम प्रबंधन और अधिकारियों की भूमिका की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही गई है।
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter