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MP News: अयोध्या के बाद अब एमपी के बगलामुखी मंदिर में चंदा चोरी! पर्यटन मंत्री ने दिए कठोर कार्रवाई के निर्देश

MP News: इन दिनों अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला चर्चा में है. इस केस में अभी तक 8 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष चंपत राय ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इसी बीच मध्य प्रदेश के नलखेड़ा (आगर मालवा जिला) स्थित मां बगलामुखी मंदिर के नाम पर फर्जी समिति बनाकर श्रद्धालुओं से रुपये और सोने-चांदी के आभूषण दान प्राप्त करने की जानकारी सामने आई है.

फर्जी समिति ने गठित किया चंदा
जानकारी के अनुसार नलखेड़ा (आगर मालवा जिला) स्थित मां बगलामुखी मंदिर में माता के रजत श्रंगार सुंदरीकरण करने के लिए कुछ लोगों ने फर्जी समिति का गठन किया. इस फर्जी समिति के लोगों ने मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं से दान प्राप्त कर उन्हें रसीद दी. अब चूंकी मंदिर शासकीय है, ऐसे में अशासकीय लोगों द्वारा समिति बनकार दान एकत्रित करने पर कई सवाल खडे़ हो रहे है.

कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
इस पूरे मामले पर कलेक्टर प्रीति यादव ने जिला पंचायत सीईओ बीएस सोलंकी के नेतृत्व में जांच दल का गठन करवाया है. साथ ही इसमें शामिल अधिकारियो को 7 दिन में जांच प्रतिवेदन सौंपने को कहा है. कलेक्टर प्रीति यादव ने कहा कि जांच के निर्देश देते हुए कहा कि गड़बड़ी मिलने पर आपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

लखुंदर नदी के तट पर स्थित है दिव्य स्थान
आगर-मालवा जिले में लखुंदर नदी के तट पर स्थित मां बगलामुखी माता मंदिर प्रसिद्ध पांडवकालीन सिद्धपीठ है. मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना युधिष्ठिर ने महाभारत युद्ध में विजय के लिए श्रीकृष्ण के निर्देश पर की थी. यहां मां बगलामुखी के साथ मां लक्ष्मी और मां सरस्वती की स्वयंभू मूर्तियां हैं.

एसडीएम होता है समिति का अध्यक्ष
खास बात ये है कि इस मंदिर की समिति के अध्यक्ष एसडीएम (डिप्टी कलेक्टर) और सचिव तहसीलदार रहते हैं. मंदिर कार्यालय की व्यवस्था आउट सोर्स कर्मचारियों द्वारा संचालित की जाती है. बावजूद मंदिर के नाम पर अशासकीय समिति बनाकर दान प्राप्त किया जा रहा था.

पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी का बयान
इस मामले में पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा ‘दुर्भाग्य है कि मंदिर के नाम पर अवैध वसूली का काम हो रहा था. जितने भी लोग इसमें शामिल है उनको छोड़ा नहीं जाएगा. ऑडिट हर तीन महीने में करना होता है. समय समय पर ऑडिट भी होता रहता है. श्रद्धालु का दान सही हाथों में जाए इसकी ज़िम्मेदारी भी हमारी है. श्रद्धालु दान देते हैं तो सोच समझकर दान दे कि वो ऑथेंटिक है या नहीं है. हमने कठोर से कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.’

उन्होंने आगे कहा ‘मुझे कल ही इसकी जानकारी मिली है. जांच समिति में जिला पंचायत मुख्य सचिव सहित 4-5 सदस्यों को रखा गया है. जांच के बाद ही कमेटी इसकी जानकारी दे पाएगी. हमारी सरकार इस बात के लिए कटिबद्ध है कि श्रद्धालुओं का दान सही हाथों में पहुंचे. हमनें शुरुआत में महाकाल मंदिर से डिजिटल यूपीआई पेमेंट के माध्यम से दान लेने की प्रक्रिया शुरू की है. साथ ही हम अन्य मंदिरों में भी दान डिजिटल माध्यम से लेने की प्रक्रिया जल्द शुरू करेंगे.’

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