MP News: मध्य प्रदेश की पंचायतों में नए नियम लागू हो सकते हैं. जिसके अनुसार, अगर पीने के पानी से भैंस को नहलाया तो जुर्माना लगेगा. अगर इसके बाद भी नहीं माने तो पानी की सप्लाई बंद कर दी जाएगी. इसके पीछे का मकसद है कि कोई पानी का दुरुपयोग नहीं कर पाए. यह प्रावधान राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित मध्य प्रदेश पंचायत ग्रामीण नल जल योजना संचालन, संधारण एवं प्रबंधन नियम-2026 में किया गया है. जानें क्या है नियम.
नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति नल-जल योजना के तहत मिलने वाले पेयजल से गाय-भैंस नहलाता है, पशुओं को धोता है या वाहन साफ करता है तो उस पर 100 से 500 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा. अगर जुर्माना लगाने के बाद भी कोई गलती करता है यानी कि नियमों का पालन नहीं करता, तो उसका कनेक्शन भी काटा जा सकता है.
गलती करने पर जुर्माने का प्रावधान
अगर कोई पहली बार गलती करते पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ 100 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. वहीं अगर महीने में दो बार से अधिक गलती की तो 500 रुपए का जुर्माना लगेगा. इसके बाद भी अगर नहीं माने तो सप्लाई रोक दी जाएगी. नियमों के अनुसार, पानी की सप्लाई के चार्ज की बकाया वसूली भी की जाएगी. इस स्थिति पर भी लोगों के कनेक्शन काटे जा सकते हैं. जलकर जिनका काफी समय से नहीं जमा है. उनके ऊपर पेनल्टी का प्रावधान है. नियमों के मुताबिक, पानी समिति अति गरीब, दिव्यांग, विधवा, परित्यक्ता महिलाओं के लिए जलकर माफ भी कर सकेगी.
नए नियमों के अनुसार ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले घरेलू नल कनेक्शनधारकों को हर महीने 100 से 120 रुपए तक जलकर देना होगा. वहीं औद्योगिक श्रेणी के नए कनेक्शन के लिए एक हजार से लेकर 10 हजार रुपए तक शुल्क निर्धारित किया गया है. जलकर जमा करने की तिथि हर महीने की 10 तारीख रखी गई है. सरकार इस राशि को वसूलने के लिए ठेके पर देने की तैयारी की है.
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