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CG News: नारायणपुर के अंजरेल में लाल पानी का कहर, फसलें हो रही खराब, पीने के पानी का भी संकट

CG News: नारायणपुर जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर, अंजरेल गांव कोडगांव ग्राम पंचायत का एक आश्रित गांव है. रावघाट पहाड़ी की तलहटी में बसा यह गांव अब बदहाली के आंसू बहा रहा है. बीएसपी के सबसे नजदीक होने के बावजूद, यहां के निवासी पीने के पानी के लिए नाले पर निर्भर हैं. खेतों में फैल रहा लाल पानी किसानों के लिए नई मुसीबत बन गया है. बैंक से कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों की फसलें अब लाल पानी के कारण पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं. न तो बीएसपी प्रबंधन और न ही प्रशासन उनकी गुहार सुन रहा है.

अंजरेल में लाल पानी का कहर
लखन नूरेटी ने बताया कि रावघाट खदान खुलने से पूर्व ही हमने खदान प्रबंधन को इस बात से अवगत करा दिया था कि खदान के संचालन से पूर्व सभी समस्याओं का निराकरण कर लिया जाए, किंतु अब हम दूषित जल की समस्या से जूझ रहे हैं और हमें पीने का साफ पानी भी उपलब्ध नहीं है. हम रावघाट परियोजना के विरोधी नहीं हैं, बस चाहते हैं कि हमारी समस्याओं का समाधान किया जाए. इस विषय पर हमने शासन-प्रशासन से भी कई बार गुहार लगाई, परंतु कोई निष्कर्ष नहीं निकला. अब हमारे खेतों में लाल पानी भर गया है, जिससे खेत में रहने वाले जीव-जंतु भी मर गए हैं और हमारी पूरी फसल बर्बाद हो गई है.

हम गरीब किसान हैं, जो बैंक से कर्ज लेकर खेती करते हैं. ऐसे में हम अपना कर्ज कैसे चुकाएंगे? हम प्रशासन से इस संबंध में उचित मुआवजे की मांग करते हैं. रावघाट परियोजना को शुरू करने से पहले हमने बहुत इस बात को लेकर हमने विरोध भी प्रदर्शन किया इसके बावजूद भी यह स्थिति वैसे की वैसे है.

फसलें हुई बर्बाद
हेमू दुग्गा, एक ग्रामीण, ने बताया कि चार-पांच साल पहले राव घाट माइंस का उद्घाटन हुआ, जिसे बीएसपी और जिला प्रशासन ने मिलकर स्थापित किया. हमें मौखिक आश्वासन दिया गया था कि हमारे खेत बर्बाद नहीं होंगे, और इसके लिए चेक डैम बनाए जाएंगे. हालांकि, इस बरसात में, हमारे खेतों तक लाल पानी पहुंच गया है, और माइंस से बहकर आए मलबे ने हमारी फसलें बर्बाद कर दी हैं. हम सदियों से इस भूमि पर खेती करते आ रहे हैं, और हमने बैंक से कर्ज लेकर खेती की है. खेतों में लाल पानी आने से कीड़े-मकोड़े मर गए हैं, जिसकी दुर्गंध पूरे गांव में फैल गई है. हमारी बीएसपी प्रबंधन और जिला प्रशासन से एकमात्र मांग है कि हमारे खेतों को ठीक किया जाए और इस फसल का उचित मुआवजा दिया जाए.

जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान
अपर कलेक्टर ने जानकारी दी कि जिले में 453 मिमी वर्षा दर्ज की गई है. इस अत्यधिक वर्षा के कारण अनेक प्रकार की कठिनाइयां उत्पन्न हुई हैं. अंचल के किसानों ने यह भी बताया है कि लाल पानी खेतों में घुस जाने से उनकी फसलें बर्बाद हो गई हैं. इस गंभीर विषय से जिला प्रशासन, पटवारी, ARI, सरपंच और बीएसपी प्रबंधन सभी को अवगत करा दिया गया है.

शीघ्र ही RPC के प्रावधानों के तहत प्रति हेक्टेयर 18000 रुपये के हिसाब से मुआवजे का इंतजाम किया जा रहा है. पेयजल की समस्या के विषय में भी कलेक्टर महोदया को सूचित कर दिया गया है, और PHE विभाग से संपर्क कर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा. साथ ही, स्वास्थ्य विभाग की एक टीम को भी प्रभावित क्षेत्र में भेजा जाएगा.

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