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Cough Syrup Case: कफ सिरप मामले में आरोपी डॉक्टर प्रवीण सोनी ने HC में लगाई जमानत याचिका, निचली अदालत कर चुकी है खारिज

Cough Syrup Case: कफ सिरप में आरोपी डॉक्टर ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है. आरोपी की याचिका पर 16 अक्टूबर को सुनवाई होगी. निचली अदालत ने पहले ही उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. डॉक्टर पर आरोप है कि उसने प्रिस्क्रिप्शन में जानलेवा कफ सिरप कोल्ड्रिफ लिखी थी. अब तक इस सिरप की वजह से अब तक 25 बच्चों की जान जा चुकी है.

10 फीसदी कमीशन लेता था आरोपी
मध्य प्रदेश पुलिस ने सेशन कोर्ट में बताया कि कफ सिरप कोल्ड्रिफ के लिए डॉक्टर 10 फीसदी कमीशन लेता था. इस बात का खुलासा FIR से हुआ है. डॉक्टर को कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रेसन फार्मास्युटिकल्स 10 फीसदी कमीशन देती थी. इसके साथ ही परासिया की जिस मेडिकल स्टोर पर ये दवा मिलती थी, वह डॉक्टर की पत्नी द्वारा संचालित की जाती थी. पुलिस ने मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द कर दिया है.

श्रेसन कंपनी पर लगा ताला
तमिलनाडु सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रेसन फार्मास्युटिकल्स का लाइसेंस रद्द कर दिया है. अब कंपनी पर हमेशा के लिए बंद हो गई है. ईडी की 12 घंटों तक चली छापेमारी में कई अहम दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं. कंपनी पर आरोप है कि मिलावटी कफ सिरप बेचकर करोड़ों रुपये अवैध धन इकट्ठा किया गया. PMLA एक्ट की तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.

कफ सिरप में DEG तय मानक से ज्यादा मिला
‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की मात्रा तय मानक से 48.6 फीसदी ज्यादा मिली, जो 0.1 फीसदी होनी चाहिए थी. इस कफ सिरप को पीने से बच्चों की किडनी फेल हुई, इस वजह से बच्चों की मौत हो गई. मध्य प्रदेश सरकार ने कोल्ड्रिफ के अलावा रिलाइफ और रेस्पीफ्रेश टीआर सिरप पर बैन लगाया है.

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