रायपुर। रायपुर के होटल कारोबारी दीपक टंडन ने दंतेवाड़ा की DSP कल्पना वर्मा पर रिश्वत, ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामलें की शिकायत पुलिस विभाग के अधिकारियों से की है।
कारोबारी के आरोपों के बाद डीएसपी के परिजनों ने पुलिस को अलग शिकायत दी है। दोनों शिकायत की जांच करने पुलिस विभाग के अधिकारियों ने एएसपी के नेतृत्व में टीम का गठन किया था।
एएसपी की टीम ने 30 दिन बाद जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी। वरिष्ठ अधिकारियों ने डीएसपी कल्पना-कारोबारी टंडन कंट्रोवर्सी की रिपोर्ट गृहमंत्रालय को भेजी है। मंत्रालय से निर्देश आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई करने की बात पुलिस अधिकारी बोल रहे है।
रिपोर्ट में महकमें की संवेदनशील जानकारी साझा करने का उल्लेख
विभागीय अधिकारियों के अनुसार रिपोर्ट में दावा किया गया है कि महिला डीएसपी ने कारोबारी से न सिर्फ बड़ी रकम और महंगे गिफ्ट लिए, बल्कि माओवादी प्रभावित इलाकों से जुड़ी संवेदनशील खुफिया जानकारियां भी साझा कीं। डीएसपी का यह कारनाम राज्य की सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है।
व्हाट्सएप चैट में खुफिया जानकारी साझा करने का जिक्र
जांच रिपोर्ट में दोनों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट का उल्लेख है, जिसमें पुलिस विभाग से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं भेजे जाने के संकेत मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन चैट्स में माओवादी गतिविधियों, सुरक्षा बलों की तैनाती और ऑपरेशन से जुड़े इनपुट साझा किए जाने का दावा किया गया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की खुफिया जानकारी का लीक होना राज्य की आंतरिक सुरक्षा से सीधा खिलवाड़ है और यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। बताया जा रहा है कि इस पहलू को लेकर उच्च स्तर पर रिपोर्ट तलब की गई थी, जिसे गोपनीय रखा गया है।
कारोबारी ने 2.5 करोड़ की वसूली, गिफ्ट मांगने का लगाया आरोप
कारोबारी दीपक टंडन ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 से महिला डीएसपी ने कथित तौर पर ‘लव ट्रैप’ के जरिए उनसे करीब 2.5 करोड़ रुपये की वसूली की। आरोपों में करीब 2 करोड़ रुपये नकद, एक लग्जरी कार, 12 लाख की डायमंड रिंग, 5 लाख रुपये के सोने के गहने और अन्य महंगे उपहार शामिल बताए गए हैं। कारोबारी का दावा है कि शिकायत के बावजूद कार और ज्वेलरी अब तक उन्हें वापस नहीं की गई है।
DSP ने आरोपों को बताया साजिश
वहीं, महिला डीएसपी कल्पना वर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और साजिश बताया है। उन्होंने कहा है कि वे जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग कर रही हैं और सच्चाई सामने आएगी। डीएसपी का दावा है कि उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से यह पूरा मामला खड़ा किया गया है।
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