Iran Protest: ईरान में गिरती मुद्रा की कीमतों को लेकर प्रदर्शन तेज हो गया है. गुरुवार को ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने विरोध दर्ज कराने के लिए लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की. इसके बाद लोग सड़कों पर उतर आए. यह देखकर ईरानी सरकार के हाथ-पाव फूलने लगे. सरकार ने इस आंदोलन को काबू करने के लिए भारी संख्या में लोगों को सड़कों पर उतार दिया. देखते ही देखते आंदोलन इतना बड़ा हो गया कि सरकार को इंटरनेट और टेलीफोन की लाइनें काटनी पड़ीं. सरकार की इस काम पर लोगों में और गुस्सा बढ़ गया. इस दौरान लोग उग्र हो गए और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे. फिलहाल, तनाव की स्थिति बनी हुई है.
बता दें, ईरान में नियम है कि अगर कोई शाह के समर्थन में नारेबाजी करता है तो उसे मौत की सजा दी जाएगी. इसके बावजूद भी रजा पहलवी के समर्थन में नारे लगाए जा रहे हैं. लोग उग्र हो गए हैं और पूरी तरह से सरकार के खिलाफ बयानवाजी कर रहे हैं. सरकार ने बढ़ते विरोध को देखते हुए पूरे ईरान में हाई अलर्ट कर दिया है.
कैसे शुरू हुआ विरोध
ईरान के शाह रजा पहलवी ने गुरुवार और शुक्रवार स्थानीय समयानुसार रात करीब 8 बजे लोगों से प्रदर्शन करने के लिए अपील की. यह सुनते ही सब अपने घरों से सड़कों पर निकल आए. देखते ही देखते भीड़ इतनी बढ़ गई कि सरकार को एक्शन लेना पड़ा. किसी प्रकार की अनहोनी न हो इसको देखते हुए सरकार ने कनेक्टिविट काट दी. जब कनेक्टविटी काट दी गई तो लोग एक-दूसरे से संपर्क नहीं साध पाए, इस दौरान लोगों का गुस्सा और बढ़ गया, जिसके बाद कई जगहों पर आगजनी भी की. प्रदर्शन के दौरान ईरान में नारे लग रहे थे कि पहलवी वापस लौटेगा, यह आखिरी लड़ाई है. तानाशाह मुर्दाबाद और इस्लामी गणराज्य मुर्दाबाद के नारे लगे.
अब तक 45 लोगों की मौत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन ईरान के करीब 50 शहरों में हो रहा है. इन शहरों में बाजार और दुकानों को भी बंद रखा गया है. वहीं रिपोर्ट के अनुसार अब तक 45 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सरकार ने 2270 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है. हालांकि विरोध अभी थमा नहीं है. खेमेनाई सरकार के लिए लोगों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है. आंदोलन के बाद रजा पहलवी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि ईरानियों ने आज रात अपनी आजादी की मांग की है.
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