CG News: राजधानी रायपुर में रेव पार्टी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसको लेकर सियासी बयानबाजी जारी है. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पूरे मामले पर सरकार पर हमला बोला है. दीपक बैज ने कहा है कि सरकार का राज्य में पूरी तरह नियंत्रण खत्म हो गया है. छत्तीसगढ़ में रेव पार्टी कोई नई बात नहीं है.
‘रेव पार्टी तो छोटी चीज, यहां न्यूड पार्टी के लिए आमंत्रण’
रेव पार्टी कल्चर को लेकर पूछे गए सवाल पर दीपक बैज ने कहा, ‘यहां रेव पार्टी तो बहुत छोटी चीज है, पिछले समय तो न्यूड पार्टी के लिए फार्म हाउस पर निमंत्रण जारी किया गया है. छत्तीसगढ़ में रेव पार्टी कोई नई चीज नहीं है. सरकार का नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो चुका है. छत्तीसगढ़ में ना तो कोई रोजगार है, ना कोई व्यवस्था है. युवा परेशान और बेरोजगार हैं. इसलिए इस तरह की पार्टियां तो होंगी ही. इसके लिए कौन जिम्मेदार है. इसके लिए सरकार जिम्मेदार है.’
राजधानी रायपुर में रेव पार्टी का आयोजन किया गया था. इसको लेकर सोशल मीडिया पर खुलेआम प्रचार भी किया गया था. सोशल मीडिया पर नाबालिग लड़कियों का इस्तेमाल करके प्रचार करवाया जा रहा था. इस पार्टी में युवाओं को नशा परोसने की तैयारी थी. एक निजी कैफे में पूरी पार्टी का आयोजन किया गया था. मामला हाईलाइट होते ही निजी कैफे में आयोजित होने वाली रेव पार्टी को रद्द कर दिया गया.
इसके साथ ही पुलिस ने सभी होटल, क्लब और कैफे संचालकों को हिदायत दी है, कि इस तरह के किसी भी तरह का आयोजन बिना परमिशन के नहीं किया जाएगा. पुलिस आयोजकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. पुलिस का कहना है कि शहर में इस तरह के कृत्य करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
‘सरकार आपदा मे अवसर तलाश रही है’
पीसीसी चीफ ने राज्य के साथ ही केंद्र सरकार पर भी जमकर हमला बोला. दीपक बैज ने पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ाने पर कहा, ‘लोग रातभर पेट्रोल डीजल के लिए लाइन लगाकर खड़े हैं. एक तरफ पेट्रोल डीजल का अकाल है. वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल के रेट में 3-3 रुपये बढ़ा दिए. अब महंगाई और बढ़ेगी, जबकि पहले से महंगाई इतनी बढ़ी है. प्रधानमंत्री पहले ही देश के लोगों से कह चुके हैं कि सोना नहीं खरीदना, तेल ना खाओ, पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल ना करो. फिर अब 3 रुपये रेट बढ़ा दिया. ये आपदा मे अवसर तलाश कर रहे. कुल मिलाकर सरकार जनता की मदद करने के बजाय लूटने का काम कर रही है.
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter