ढालू का ढेला
कहते है ढेला मार कर जानवरों को हकाला जाता है।राज्य में ऐसा हुआ है कि एक अदने से गुरु जी ढालू राम ने ऐसा ढेला मारा है कि महानदी भवन के खूबसूरती में बदनुमा दाग लग गया है। सच बोलना बहुत कठिन काम है।सच लिखना कठिनतम काम है। सरकारी नौकरी कर रहे तो और भी अत्यंत कठिनतम। ऐसा ही कार्य कर गए धमतरी जिले के नारी गांव के प्राथमिक शाला के सहायक शिक्षक ढालू राम साहू। शिक्षक है अपने ही स्कूल के बच्चों की व्यथा न देखी गई।आक्रोशित होकर लिख दिया किताबें नहीं मिली राज्योत्सव मना लिया।
ढालू राम ने लिखा कि” बच्चों की शिक्षा व्यवस्था ठप्प और हम चले राज्य स्थापना दिवस मनाने।क्या हम राज्योत्सव मनाने लायक है? जब तक बच्चों को पूरी किताबें नहीं मिल जाती, तब तक सहायक शिक्षक से लेकर बीईओ, डीईओ, कलेक्टर और माननीय शिक्षा मंत्री का वेतन रोक देना चाहिए।गांव के नेता गांव का नहीं पार्टी का विकास चाहते है।” संविधान में अभिव्यक्ति मूल अधिकार है। वाक् और अभिव्यक्ति की आजादी नियंत्रित है।कहने और लिखने में ऐसा कुछ कहा या लिखा नहीं जाना चाहिए जो भले ही सच हो। सरकार में रहकर,सरकारी वेतन ले कर अपने उच्च अधिकारियों के नकारापन या उनके अल्प ज्ञान या लचर कार्यशैली पर अधीनस्थ प्रश्न उठाए या प्रश्न चिन्ह लगाए,बर्दास्त से बाहर की बात है।

शिक्षा विभाग, स्कूल खोलने पर स्वागत समारोह करवाता है।बच्चे स्कूल आए, पढ़े और भविष्य में साक्षर हो इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए आगे आगे होता है। शिक्षा, हर सरकार की प्राथमिकता बन चुकी है लेकिन हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और है। ऐसा नहीं है कि शिक्षा कोई नई योजना है। सालाना कार्य है। खुद सरकार ने पाठ्य पुस्तक निगम बना रखा है। ढ़ालू राम साहू ने क्या गलत किया? अपने स्कूल के बच्चों को नवंबर तक पाठ्य पुस्तक न मिलने पर सार्वजनिक आक्रोश ही तो व्यक्त किया। चार महीने तक प्रदेश की राजधानी से अस्सी किलो मीटर किताब नहीं पहुंच रही है तो सरगुजा बस्तर में तो अगले साल जनवरी में किताब पहुंचेगी ये तय है। कितनी बेतरतीब, बेकार सरकार है।
ऐसी सरकार को वास्तव में राज्योत्सव मनाने का कोई हक नहीं है। ढालू राम साहू ने सही कहा है कि जिस सरकार के शिक्षा विभाग के अधिकारी, मंत्री असफल रहे है उनको वेतन नहीं दिया जाना चाहिए। सरकारी अधिकारी, अनुशासनहीनता की परिभाषा जानते है।खुद कितना अनुशासित है ये आईने ने देखे है। केवल लिखा पढ़ी करने से कुछ नहीं होता है।, विकासखंड ,जिला शिक्षा अधिकारी सहित, सचिव और मंत्री का ये कलेक्टिव फेलवर है। ढालू राम साहू को निलंबित कर कायरता का काम किया गया है।सच कड़वा होता है, सुनते थे,देख भी लिया । बधाई हो सचिव शिक्षा बधाई हो शिक्षा मंत्री जी
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