पटना। आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन गेमिंग का नशा युवाओं और बच्चों की मानसिक स्थिति पर किस कदर भारी पड़ रहा है, इसका एक और मामला सामने आया है। पटना के बुद्धा कॉलोनी इलाके में रहकर पढ़ाई करने वाले दसवीं के एक छात्र ने ऑनलाइन गेम में 1.45 लाख रुपए गंवाने के बाद अपने ही अपहरण की एक झूठी पटकथा लिख डाली। हालांकि, पुलिस की सूझबूझ और तकनीकी जांच के चलते इस पूरी साजिश का चंद घंटों में ही पर्दाफाश हो गया और छात्र को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
दोस्तों से उधार लेकर शुरू हुआ जुए का खेल
पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, मूल रूप से पूर्वी चंपारण के रक्सौल बॉर्डर इलाके का रहने वाला यह छात्र पटना में रहकर अपनी स्कूली शिक्षा पूरी कर रहा था। उसके पिता एक प्रतिष्ठित व्यवसायी हैं। छात्र ऑनलाइन गेमिंग की बुरी लत का शिकार हो चुका था। इस लत के चक्कर में उसने अपने दोस्तों से पैसे उधार लेकर गेम खेलना जारी रखा, लेकिन किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया और वह कुल 1,45,000 रुपए हार गया। जब उसके दोस्तों ने उधार दिए गए पैसे वापस लौटाने के लिए दबाव बनाना शुरू किया, तो छात्र बुरी तरह घबरा गया। इस कर्ज से बचने के लिए उसने खौफनाक और नासमझ कदम उठाते हुए खुद के अपहरण की झूठी कहानी गढ़ डाली।
पिता को फोन कर मांगी 2 लाख रुपए की फिरौती
कर्ज चुकाने का रास्ता जब नहीं सूझा, तो छात्र ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर साजिश को अंजाम देना शुरू किया। वह बुद्धा कॉलोनी स्थित अपने कमरे से निकला और गांधी मैदान बस स्टैंड पहुंचकर मुजफ्फरपुर जाने वाली बस में बैठ गया। रास्ते में उसने अपने परिजनों को फोन कर डराते हुए कहा कि चार-पांच अज्ञात लोगों ने उसे एक स्कॉर्पियो गाड़ी में बंधक बना लिया है। उसने यह भी दावा किया कि अपहरणकर्ता उसे छोड़ने के एवज में 2 लाख रुपए की फिरौती मांग रहे हैं। अपने बेटे की ऐसी हालत और घबराहट भरी आवाज सुनकर पिता बुरी तरह सहम गए। अपहरणकर्ताओं के चंगुल से बेटे को सुरक्षित छुड़ाने की आस में पिता ने तुरंत उसके खाते में 75 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए और इसके बाद तुरंत स्थानीय थाने में इसकी सूचना दी।
तकनीकी जांच से हुआ खुलासा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत टीम का गठन किया। शुरुआत में छात्र के बताए अनुसार पुलिस स्कॉर्पियो गाड़ी की तलाश में जुटी रही, लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी जांच और मोबाइल टावर लोकेशन को ट्रैक किया, तो सारा सच सामने आ गया। लोकेशन गांधी मैदान बस स्टैंड के आसपास की मिली। इसके आधार पर पुलिस ने बसों की सघन तलाशी शुरू की। आखिरकार, मुजफ्फरपुर के सराय टोल प्लाजा के पास एक यात्री बस से छात्र को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस अब इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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