रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर वडोदरा में ‘सरदार सभा’ को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, “सरदार वल्लभभाई पटेल सच्चे अर्थों में धर्मनिरपेक्ष थे. जब पंडित जवाहरलाल नेहरू ने बाबरी मस्जिद मुद्दे पर सरकारी धन खर्च करने की बात कही, तो सरदार वल्लभभाई पटेल ने इसका विरोध किया. उस समय उन्होंने बाबरी मस्जिद को सरकारी धन से नहीं बनने दिया.
राजनाथ सिंह ने कहा, “नेहरू जी ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का प्रश्न उठाया. तो सरदार पटेल ने स्पष्ट किया कि सोमनाथ मंदिर का मामला अलग था. वहां जनता ने 30 लाख रुपये दान दिए थे, एक ट्रस्ट बनाया गया था, और सरकारी धन का एक पैसा भी इस्तेमाल नहीं हुआ. अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण सरकारी धन से नहीं हुआ है. इसका पूरा खर्च इस देश की जनता ने उठाया है.”
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “उस समय की कांग्रेस सरकार ने हर कीमत पर सरदार पटेल की महान विरासत को दबाने की कोशिश की. नेहरू जी ने स्वयं को ‘भारत रत्न’ प्रदान किया, लेकिन सरदार पटेल के लिए कोई स्मारक नहीं बनाया. PM मोदी ने Statue of Unity का निर्माण कराकर सरदार पटेल को वह सम्मान दिया, जिसके वे वास्तविक हकदार थे.”
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