सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच में बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस हत्या के लिए 30 से 40 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी और वारदात को अंजाम देने के लिए बिहार से दो शार्प शूटर बुलाए गए थे।
जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या पूरी तरह सुनियोजित साजिश के तहत की गई। पुलिस को शक है कि हमलावर कई दिनों से चंद्रनाथ रथ की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे और रेकी के बाद ही हमला किया गया।
CCTV फुटेज में दिखे संदिग्ध
घटनास्थल के पास लगे CCTV कैमरों में रात करीब 10:08 बजे एक सफेद स्कॉर्पियो और हेलमेट पहने दो युवकों की गतिविधियां कैद हुई हैं। बताया जा रहा है कि बाइक सवार हमलावरों ने कार के करीब पहुंचकर बेहद नजदीक से कई राउंड फायरिंग की, जिससे चंद्रनाथ रथ की मौत हो गई।
स्थानीय मदद और नकली पहचान पत्र का शक
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एक स्थानीय अपराधी ने बिहार से आए शूटरों के ठहरने और भागने की व्यवस्था की थी। जांचकर्ताओं को शक है कि हमलावर नकली पहचान पत्र के साथ कोलकाता एयरपोर्ट से फरार होने की तैयारी में थे।
करीबी व्यक्ति पर भी शक
SIT को आशंका है कि चंद्रनाथ रथ की गतिविधियों की जानकारी किसी करीबी व्यक्ति ने लीक की हो सकती है। जांच एजेंसियां फोन रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और संदिग्धों के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
चोरी की बाइक और फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल
जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात में इस्तेमाल बाइक बिधाननगर इलाके से चोरी की गई थी। बाइक के इंजन और चेसिस नंबर से छेड़छाड़ किए जाने की बात भी सामने आई है। वहीं दूसरी बाइक का नंबर सिलीगुड़ी निवासी के नाम पर दर्ज मिला, लेकिन जांच में पता चला कि वह पता और पहचान संदिग्ध है। फिलहाल, पुलिस, CID और फॉरेंसिक टीम मिलकर मामले की जांच में जुटी हुई हैं।
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