Breaking News

25 साल पुराने फायरिंग और हत्या के प्रयास मामले में हाईकोर्ट सख्त, रामकृष्ण वैश्य की सजा बरकरार

बिलासपुर। बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में निचली अदालत के निर्णय को सही ठहराते हुए मुख्य आरोपी रामकृष्ण वैश्य उर्फ ‘छोटू’ और उसके साथियों की सजा को बरकरार रखा है। यह मामला घर में घुसकर फायरिंग और हत्या के प्रयास से जुड़ा है, जिसमें अदालत ने स्पष्ट माना कि आरोपी की नीयत जान लेने की थी।

2001 की घटना
घटना 29 अक्टूबर 2001 की रात की है। कश्यप कॉलोनी निवासी सुनीता तिवारी अपने घर में सुच्छानंद वाधवानी के साथ बैठी थीं, तभी आरोपी रामकृष्ण वैश्य अपने साथियों के साथ जबरन घर में घुस आया। जमीन से जुड़े दस्तावेजों को लेकर विवाद बढ़ा और हिंसक हो गया। इसी दौरान आरोपी ने देशी कट्टे से फायरिंग कर दी।

  • गोली सुनीता तिवारी के पेट और जांघ में लगी
  • उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया
  • ऑपरेशन कर शरीर से गोली और छर्रे निकाले गए

कोर्ट ने क्या कहा
हाईकोर्ट ने पीड़िता, प्रत्यक्षदर्शियों, डॉक्टरों की गवाही और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर माना कि:

  • गनशॉट इंजरी की पुष्टि साफ तौर पर जानलेवा हमले को साबित करती है
  • आरोपी साझा मंशा (कॉमन इंटेंशन) से घर में घुसे और हमला किया
  • इसलिए सभी पर धारा 34 के तहत जिम्मेदारी तय करना उचित है

सजा बरकरार
ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों को आईपीसी की:

  • धारा 307 (हत्या का प्रयास)
  • धारा 450 (गंभीर अपराध के इरादे से घर में घुसना)
  • के तहत दोषी करार दिया था, जिसे हाईकोर्ट ने पूरी तरह सही माना।

लंबे समय से चल रहे इस मामले में दो आरोपियों की मौत हो चुकी है, जिससे उनके खिलाफ अपील समाप्त हो गई। हालांकि मुख्य आरोपी रामकृष्ण वैश्य की सजा को अदालत ने बरकरार रखा। यह फैसला स्पष्ट करता है कि गंभीर आपराधिक मामलों में अदालतें साक्ष्यों के आधार पर कड़ा रुख अपनाती हैं।

Check Also

Raipur Ganesh Chaturthi: 50 हजार से ज्यादा सिक्कों से सजे ‘सिक्कों वाले बप्पा’, देवपुरी की अनोखी गणेश प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र

रायपुर. गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर राजधानी रायपुर में इस बार भक्ति और कला …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *