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जेल में बंद कुख्यात माफिया चंदन सिंह को उम्रकैद, दिवाली के दिन सरेआम मारी थी युवक को गोली

UP News: जेल में बंद कुख्यात माफिया चंदन सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. सरेआम दिवाली के दिन युवक को दौड़ाकर इसने गोली मारी थी, हत्या और हत्या के प्रयास समेत 45 मुकदमे चंदन सिंह पर दर्ज हैं. गौतमबुद्धनगर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे कुख्यात चंदन सिंह ‘गन से मन की ओर’ आत्मकथा लिखने को लेकर चर्चा में आया था. नोएडा एसपी विपिन सिंह की पहल पर किताब लिखनी शुरू की थी.

कुख्यात माफिया चंदन सिंह गोरखपुर के चिलुआताल थानाक्षेत्र के कुशहरा का रहने वाला है. 13 नवंबर 2012 को डोहरिया बाजार में दिवाली के दिन दोपहर बाद 3 बजे संतोष सिंह की गोली मारकर हत्या की थी. वह अपने भतीजे मुकेश सिंह के साथ मिठाई खरीदने आया था इसी दौरान संतोष सिंह को गोली मारी गई थी. अब उसे उम्रकैद के साथ 52 हजार रुपये अर्थदंड भी भरना होगा.

इस समय चंदन सिंह गौतमबुद्धनगर की जेल में सजा काट रहा है. अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र दुबे और अतुल शुक्ल की कुशल पैरवी पर अपर सत्र न्यायाधीश अवनीश कुमार राय की कोर्ट ने चंदन को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. चंदन रंगदारी मांगने और नहीं देने पर हत्या के लिए कुख्यात रहा है.

जेल में बंद रहने के दौरान भी उसके नाम पर रंगदारी मांगने के आरोप हैं. गोरखपुर के भगत चौराहा पर व्यापारी तारक जायसवाल द्वारा रंगदारी का विरोध करने पर उनकी दुकान पर साथियों ने गोली चलाई थी. दूसरी दुकान पर फायरिंग कर टेम्पो चालक समेत दो लोगों की जान ली थी. दक्षिणी ग्रामीण क्षेत्र उरुवा बाजार में व्यापारी की दुकान पर अधिवक्ता श्रीमंतलाल श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या की थी.

चंदन पर 6 हत्या, 8 हत्या के प्रयास, रंगदारी और लूट समेत कुल 45 मुकदमे दर्ज. दो बार पुलिस कस्टडी से चकमा देखकर भी माफिया चंदन सिंह फरार हो चुका है. संतकबीरनगर और आगरा में साल 2013 और 2016 में पुलिस को चकमा देकर ट्रेन और अस्पताल से यह फरार हुआ था. पुलिस के D-9 गैंग का लीडर है चंदन और इस गैंग में भाई नंदन समेत 18 सदस्य हैं. चंदन को अब तक 4 मामले में सजा हो चुकी है, जिसमें दो हत्या और दो रंगदारी के केस हैं.

2010 के दशक में चंदन सिंह और उसके गुर्गे रंगदारी नहीं देने वालों के यहां फायरिंग कर देते थे. इस गैंग पर तीन डॉक्टर, कार एजेंसी मालिक, कोचिंग सेंटर संचालक, शहर के दो बड़े व्यापारी, नगर पंचायत चेयरमैन समेत कई लोगों से रंगदारी मांगने का आरोप है. इंजीनियर और ठेकेदार से रंगदारी में इसे सचा मिल चुकी है, रंगदारी मामले में 6 और 7 साल की पहले ही सजा हो चुकी है. चंदन ने कुशहरा गांव में मनबढ़ई से अपराध की शुरुआत साल 2006 में की थी, कॉपी-किताब बेचने वाले दुकानदार प्रेम सागर सिंह की पोल लगाने में विवाद के बाद हत्या कर दी थी.

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