CG News: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भारतमाला परियोजना घोटाला मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले से जुड़े जमीन कारोबारी गोपाल गांधी के ठिकानों पर छापा मार कार्रवाई की है. अभनपुर स्थित घर और ऑफिस में सुबह-सुबह ईडी ने रेड डाली है. पूरे मामले में 13 अफसरों की टीम कार्रवाई कर रही है. ईडी की टीम दस्तावेजाें और डिजिटल साक्ष्य खंगाल रही है. बताया जा रहा है कि जमीन मुआवजा घोटाले में बड़े खुलासे हो सकते हैं.
क्या है भारतमाला परियोजना घोटाला मामला
भारतमाला परियोजना के अंतर्गत जमीन अधिग्रहण और भारी मुआवजे के वितरण में राज्य में एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इस घोटाले में सरकारी अधिकारियों, भू-माफियाओं और कई बिचौलियों की मिलीभगत के साथ करोड़ो रुपये का घोटाला किया गया. इस घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की ने पूरे मामले की जांच की. जांच में कई बड़े खुलासे हुए. रायपुर-विशाखापटनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान करीब 500 करोड़ रुपये से अधिका का गबन किया गया.
जमीन दलालों के साथ अधिकारियों की मिलीभगत
पूरे घोटाला मामले की जांच में ईडी ने पाया कि कृषि भूमि को बैकडेट में गैर-कृषि भूमि में बदलकर उसका मुआवजा कई गुना तक बढ़ा दिया गया. मुआवजे को बढ़ाकर दिखाने का पूरा खेल राजस्व विभाग के अधिकारियों ने जमीन दलालों के साथ मिलकर खेला था. इस घोटाले में एम ही खसरे की जमीन को कागजों में छोटे-छोटे टूकड़ो में बांटकर अलग-अलग लोगों को मुआवजा दिलाया गया.
मामले में 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट हुई पेश
इस मामले में ईडी की टीम ने कार्रवाई करते हुए पूर्व में रायपुर और महासमुंद में छापेमारी की और करोड़ों की संपत्तियाें को जब्त किया. इसके साथ ही टीम ने करीब 40 लाख रुपये से अधिक का कैश भी बरामद किया. मामले में तत्कालीन सब-डिविजनल ऑफिसर (एसडीओ) निर्भय साहू और अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके अलावा ईओडब्ल्यू ने 10 लोगों के खिलाफ पहली चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर दी है. इसमें सरकारी अधिकारी और जमीन दलाल ने नाम शामिल है.
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