Chandranath Rath: पश्चिम बंगाल में विधानसभा नतीजे आने के बाद हिंसा का दौर जारी है. भवानीपुर विधानसभा सीट से ममता बनर्जी को हराने वाले सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में उनकी कार पर ताबड़तोड़ 10 राउंड फायरिंग की गई. पांच गोलियां चंद्रनाथ रथ को लगीं. उन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर्स ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. इस घटना में उनका ड्राइवर भी घायल हो गया, जिसका इलाज कोलकाता के SSKM अस्पताल में जारी है.
चंद्रनाथ रथ की मौत से बवाल
चंद्रनाथ रथ की मौत के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में सनसनी फैल गई है. जहां एक ओर टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हत्या के आरोप लग रहे हैं, वहीं TMC ने इस पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर दी है. सुवेंदु अधिकारी ने इसे सोची-समझी हत्या बताया है. स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के रिएक्शन सामने आ रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने घटना की जानकारी ली है और सुवेंदु अधिकारी से फोन पर बात की है. वहीं, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने पीए के परिजनों से बातचीत की है.
वायुसेना की नौकरी छोड़ बने अधिकारी के PA
चंद्रनाथ रथ का जन्म पूर्व मेदिनीपुर जिले के चंडीपुर में हुआ था. नेटवर्क 18 की खबर के मुताबिक उनकी शुरुआती पढ़ाई राहरा रामकृष्ण मिशन से हुई. भारतीय वायुसेना ज्वॉइन की और करीब 20 सालों तक सेवाएं दीं. इसके बाद उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली. कुछ समय के लिए कार्पोरेट सेक्टर में काम किया. कार्पोरेट की दुनिया से मोहभंग होने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा. साल 2019 के आसपास सुवेंदु अधिकारी के साथ काम करना शुरू किया. उस समय अधिकारी ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री थे.
ममता को हराने बनाई रणनीति
जब सुवेंदु अधिकारी टीएमसी छोड़ बीजेपी में गए तो चंद्रनाथ रथ ने वफादारी निभाई. हर पल साए की तरह साथ रहे. रथ केवल पीए ही नहीं बल्कि कुशल रणनीतिकार भी थे. उन्होंने भवानीपुर विधानसभा सीट से ममता बनर्जी को हराने के लिए रणनीति बनाई. बूथ प्रबंधन, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और संगठन रणनीतिक के तौर पर अहम भूमिका निभाई.
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