Chhatarpur Unique Love Story: अक्सर प्यार के बारे में कहा जाता है कि ये जात-पात, किसी सरहद और ऊंच-नीच को नहीं मानता है. ऐसा ही कुछ मध्य प्रदेश के छतरपुर में देखने को मिला. जहां एक सहायक जेलर ने आजीवन कारावास की सजा काट चुके कैदी से ब्याह रचा लिया. जिले के लवकुश नगर में 5 मई 2026 को हुई इस शादी में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कन्यादान लेकर शानदार उदाहरण पेश किया है.
क्या है पूरा मामला?
केंद्रीय जेल सतना में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर पदस्थ मुस्लिम महिला अधिकारी फिरोजा खातून (निवासी – रीवा) की मुलाकात ड्यूटी के दौरान धर्मेंद्र से हुई. जेल में महिला अधिकारी वारंट इंचार्ज थी. वहीं सजा काट रहा युवक वारंट का काम करता था. पहले दोस्ती, फिर प्यार परवान चढ़ा. दोनों ने परिवार और समाज की परवाह किए बिना हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने का फैसला लिया. शादी पूरी तरह से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई.
जेल में चर्चा का विषय रही यह शादी
शादी की खबर सामने आते ही केंद्रीय जेल सतना में यह मामला चर्चा का विषय बन गया. कैदी से लेकर अधिकारी तक सभी ने इस जोड़े को बधाई दी मुस्लिम अधिकारी ने ड्यूटी में जितनी ईमानदारी दिखाई है, निजी जीवन में भी उतनी ही हिम्मत दिखाई है. यह सतना के लिए गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान है.
युवक को हुई थी 14 साल की सजा
धर्मेंद्र सिंह छतरपुर जिले के चंदला के रहने वाला है. साल 2007 में नगर परिषद चंदला के उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या कर शव जमीन पर दफना दिया था. इस चर्चित हत्या के मामले में युवक को आजीवन कारावास की सजा हुई थी. करीब 14 साल तक जेल में सजा काटने के बाद जेल प्रबंधन ने अच्छे आचरण को देखते हुए रिहा कर दिया था. बीते करीब 4 सालों से धर्मेंद्र जेल से बाहर था. मंगलवार को आयोजित हुई शादी खूब चर्चा का विषय रही.
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