नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में वर्षों से अटकी केंद्रीय योजनाओं और परियोजनाओं को तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि नई सरकार के गठन के साथ ही इन योजनाओं में आ रही बाधाओं को दूर कर तेजी से काम शुरू किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, राजनाथ सिंह को सभी मंत्रालयों के साथ समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों से उन परियोजनाओं और योजनाओं की सूची मांगी है, जो पिछले कई वर्षों से राज्य सरकार के साथ टकराव के कारण अटकी हुई हैं।
इन योजनाओं पर रहेगा फोकस
केंद्र सरकार जिन प्रमुख योजनाओं को तेजी से लागू करने की तैयारी में है, उनमें शामिल हैं:
आयुष्मान भारत योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)
जल जीवन मिशन
पीएम मत्स्य संपदा योजना
नमामि गंगे परियोजना
प्रधानमंत्रीश्री स्कूल और नई शिक्षा नीति से जुड़ी योजनाएं
बॉर्डर फेंसिंग और जमीन विवाद भी एजेंडे में
केंद्र सरकार का मानना है कि कई अहम परियोजनाएं जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण रुकी रहीं। खासतौर पर बॉर्डर फेंसिंग और गंगा सफाई परियोजनाओं में देरी का मुद्दा लंबे समय से उठा रहा है। अब केंद्र ने अगले 45 दिनों में बॉर्डर फेंसिंग के काम को तेज करने का लक्ष्य रखा है।
डबल इंजन सरकार पर जोर
बीजेपी नेताओं का कहना है कि अब “डबल इंजन सरकार” का फायदा पश्चिम बंगाल को मिलेगा और विकास कार्यों में तेजी आएगी। केंद्र सरकार का दावा है कि नई सरकार बनने के बाद रुकी परियोजनाओं को जल्द जमीन पर उतारा जाएगा।
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter