रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने हॉफ बिजली बिल योजना बंद कर दी है। यह योजना बंद करने के पीछे सरकार का मूल मकसद अडानी के सोलर पैनल लगावाने के लिए दबाव बना रही है। प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने बिजली बिल हॉफ योजना के तहत जनता को मंहगी बिजली से राहत देने का प्रयास किया था। हर वर्ग को 400 यूनिट फ्री बिजली मिल रही थी। 400 यूनिट से अधिक बिजली खपत पर उसे बिल का भुगतान टैरिफ रेट पर करना होता था। साय सरकार को लगा कि इसके कारण लोग पीएम सूर्यघर योजना की ओर ध्यान नहीं दे रहे थे। पीएम मोदी ने अडानी के सोलर पैनल के धंधे को बड़ाने के लिए लागू किया था।
कांग्रेस शासित राज्यों ने इसे अपने यहां लागू नहीं होने दिया। ऐसे में मोदी सरकार ने भाजपा शासित राजयों पर दबाव बनाया और सभी को पीएम सूर्यघर योजना के तहमत सौर पैनल लगवाने के लिए बाधित किया। अब गुजरात और महाराष्ट को छोड़कर शेष भाजपा शासित राज्यों में सरकार फेल हो गई। तब जनता पर मंहगी बिजली का बोझ डालने लगी। छत्तीसगढ़ में भी यही हुआ। और साय सरकार अडानी के हाथों खेलने लगी। हसदेव का जंगल काटने का मामला हो या सौर पैनल यह सब इसी का परिणाम है। अब सरकार अपने कर्मचारियों पर दबाव बनाकर सौर पैनल लगवाने नई तरकीब पॉवर कंपनी के कर्मचारियों के लिए लगाना अनिवार्य कर दिया।
ऐसे दबाव बना रही
मुख्य अभियंता छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी के सभी नियमित अधिकारी, कर्मचारियों को अपने आवासीय परिसरों में तीन ताह के भीतर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित करने की सलाह दी है। उन्होने कहा, अधिकारी, कर्मचारी अपने स्वयं के आवासीय परिसर में रूफटॉप सोलर प्लांट की स्थापना किया जाना सुनिश्चित करें। अन्यथा पॉवर कंपनी द्वारा दी जा रही बिजली बिल में विशेष रियायत की सुविधा को स्थगित किये जाने पर विचार किया जाएगा।
पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने ऐसे अधिकारी, कर्मचारी बोर्ड क्वार्टर, किराए के मकान या बहुमंजिला इमारतों में रह रहे हैं, वे अपने गृहनगर में स्थित स्वयं के या पुश्तैनी मकान पर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित कर सकते हैं। बहुमंजिला इमारत में रहने वाले अधिकारी कर्मचारी, वर्चुअल नेट मीटरिंग के माध्यम से रिहायशी सोसाइटी सदस्यों के समन्वय में आवेदन कर सकते हैं।
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter