छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में ईडी ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की है। अटैच की गई संपत्तियों में 364 आवासीय प्लॉट और कृषि भूमि के टुकड़े शामिल हैं। जिनकी कीमत 59.96 करोड़ रुपए है। इसके अलावा 1.24 करोड़ रुपए की चल संपत्तियां, बैंक बैलेंस और फिक्स्ड डिपॉजिट भी जब्त की गई हैं।
छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में ईडी की टीम ने 15 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ विशेष कोर्ट में 5000 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट पेश की थी।
2018 से 2023 के बीच जब कांग्रेस की सरकार थी और सीएम भूपेश बघेल थे तब प्रदेश में करीब 3200 करोड़ से अधिक का शराब घोटाला हुआ। घोटाले को लेकर ईओडब्ल्यू ने चार्जशीट में जानकारी देते हुए बताया कि इस घोटाले के पैसे से 11 आरोपी अधिकारियों ने अपने रिश्तेदारों के नाम करोड़ों रुपए की जमीन और दौलत खरीदी है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि अभी तक ईओउब्ल्यू के मुताबिक पूरे शराब घोटाले में करीब 61 लाख अवैध पेटी शराब बिकवाकर 2174 करोड़ रुपए की चपत लगाई गई थी, लेकिन जब इन अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई तो पता चला कि यह घोटाला 2174 नहीं बल्कि 3200 करोड़ रुपए से अधिक का है।

चुप बैठे भूपेश
चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि कई अन्य लोगों के भी नाम आएंगे। ईडी उन स्रोतों को खोजने में लगी है जहां इसका पैसा लगा है। वैसे चौतन्य की संपत्ति अटैच करने से भूपेश को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में हाथ पैर मारने के बाद वे चुप बैठ गए हे। यह जानने का प्रयास हो रहा है कि टुटेजा, रामगोपाल और अन्य आरोपियों ने इसका पैसा बांटने किस तरह किया। वैसे मामले में एआईसीसी ने अपना हाथ खींच लिया है। गिरफ्तारी के बाद पीसीसी के प्रदर्शन के दौरान इसके संकेत दिए जा चुके हैं।
दूसरों पर डाल रहे थे, पर खुद फंसे
अब तक शराब घोटाले पर दूसरों को लपेटने के प्रयास करने भूपेश ने शराब डिस्टलरी को घेरने का प्रयास किया, लेकिन अपनों को बंटे पैसों काे उपर पहुंचाते। जब मामला खुला तो यह पता चला कि निजी तौर पर चैतन्य और अनवर ने अपने लिए शराब के पैसों को उपयोग कर बड़ा संपत्ति खरीदे। पहले और अब की स्थिति और बयान के आधार पर ही आगे बढ़ी। अब उनके विधानसभा क्षेत्र के कुछ नामी लोगों को घेरने की तैयारी है।
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