Raipur News: छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल सरेंडर करने पहुंचे. काफी दिनों से फरार चल रहे अमित बघेल 5 दिसंबर को रायपुर के देवेंद्र नगर थाना पहुंचे. उनके साथ वकील भी मौजूद रहे. यहां पुलिस ने अमित बघेल को गिरफ्तार कर लिया. सिंधी समाज के आराध्य और अग्रवाल समाज के महापुरुष को लेकर विवादित बयान देने के मामले में लगातार पुलिस अमित बघेल की गिरफ्तारी के लिए तलाश में जुटी हुई थी. साथ ही उनकी जानकारी देने वाले पर 5000 रुपए का इनाम भी घोषित किया था.
3 दिन की रिमांड पर भेजे गए
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल 26 दिनों से फरार थे. उनके खिलाफ 12 राज्यों में FIR दर्ज की गई है. वह अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए जमानत मांगने के लिए देवेंद्र नगर थाने पहुंचे. सरेंडर करने के बाद रायपुर की देवेंद्र नगर थाना पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद पुलिस ने बघेल को कोर्ट में पेश किया, जहां अदालत ने अमित बघेल को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया. अब पुलिस कस्टडी में ही अमित बघेल अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल हो पाएंगे.
अमित बघेल पर 5000 का इनाम
रायपुर पुलिस ने अमित बघेल को पकड़ने के लिए कई जगहों पर छापा मारा था. इसके बाद भी वह जब नहीं मिले तो उन्हें भगोड़ा घोषित करते हुए इनाम की घोषणा की थी. पुलिस ने अमित बघेल की जानकारी देने वाले के लिए 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था.
क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पहले रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति टूटने की घटना हुई थी. इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए 20 अक्टूबर को छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल ने एक बयान दिया था. अमित बघेल ने सिंधी हिंदू समाज के आराध्य देवता भगवान झूलेलाल के प्रति अत्यंत असंवेदनशील और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था. इसके साथ ह उन्होंने अग्रवाल समाज के संस्थापक महाराजा अग्रसेन, स्वर्गीय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे देश के महान राष्ट्रनायकों के प्रति भी अनुचित टिप्पणी की थी. उनके इस बयान को लेकर देशभर में विरोध शुरू हो गया. साथ ही उनके खिलाफ कई जगहों पर FIR दर्ज की गई और गिरफ्तारी की मांग की गई.
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