रायपुर. झीरम घाटी मामले में एनआईए की विशेष अदालत के फैसले के बाद कांग्रेस नेताओं और झीरम घटना के शहीदों के परिजनों तथा घायलों ने शनिवार को दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की. बैठक में अदालत के फैसले के साथ ही मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया और कथित षड्यंत्र की जांच को लेकर चर्चा हुई. एनआईए की विशेष अदालत ने 16 सितंबर को मामले में दोषी ठहराए गए 10 आरोपियों को मौत की सजा सुनाई थी.
मुलाकात के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि राहुल गांधी के सामने झीरम मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण और सार्थक तथ्य रखे गए हैं. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को सजा मिली है, वे मुख्य रूप से जमीनी स्तर पर कार्रवाई में शामिल लोग हैं. सिंहदेव के मुताबिक, जिन बड़े नामों की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं, उन्हें फरार बताकर कार्रवाई नहीं की गई.
पड्यंत्र के मामले में एनआईए ने नहीं की जांचः सिंहदेव
सिंहदेव ने यह भी कहा कि झीरम हमले के पीछे कथित षड्यंत्र के क्षेत्र को एनआईए की जांच में नहीं छुआ गया. उन्होंने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कानूनी राय लेने में सहयोग मांगा गया है. राहुल गांधी ने भी मामले से संबंधित कुछ और जानकारी मांगी है.
बैठक में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम, अनीता योगेंद्र शर्मा, शिव सिंह ठाकुर, टीएस सिंहदेव और धनेंद्र साहू, उमेश पटेल सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शामिल हुए. झीरम घटना के शहीदों के परिजन और घायल भी प्रतिनिधिमंडल में मौजूद रहे.
बता दें कि 2013 के झीरम घाटी हमले में कांग्रेस नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी. मामले में 13 साल बाद एनआईए की विशेष अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी ठहराया और बाद में सभी को मौत की सजा सुनाई.
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter