MP News: दमोह में AI वीडियो शेयर करने पर ‘तुगलकी फरमान’, युवक से धुलवाए पैर, फिर पिलाया गंदा पानी

MP News: मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है. जहां एक युवक को वीडियो शेयर करना भारी पड़ गया. आरोपियों ने युवक को ऐसी सजा दी, जिसके बारे में आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. पहले युवक से पैर धुलवाए फिर वही पानी पीने को मजबूर किया. पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.

क्या है पूरा मामला?
दमोह जिले के पटेरा ब्लॉक के सतरिया गांव में सामूहिक फैसला लेते हुए शराबबंदी का फैसला लिया गया. गांव के सभी लोगों ने फैसला लिया कि अब कोई शराब नहीं बेचेगा. यदि कोई बेचते हुए पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. वहीं, ब्राह्मण समाज के अन्नू पांडे शराब बेचते हुए पकड़े गया. अन्नू पांडे ने पूरे गांव में घूमकर माफी मांगी. इसी दौरान उनका वीडियो कुशवाहा समाज के पुरुषोत्तम कुशवाहा ने बना लिया. AI की मदद से अन्नू पांडे को जूते पहनाकर वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. इस बात ने तूल पकड़ लिया तो ब्राह्मण समाज के लोगों ने पुरुषोत्तम को अन्नू के पैर धोकर माफी मांगने के लिए कहा. पुरुषोत्तम ने अन्नू पांडे के पैर धोए और 5100 रुपये का जुर्माना भरा.

राजनीतिक मुद्दा ना बनाए जाए- पीड़ित युवक
पीड़ित युवक ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी करके बताया कि इसे कुछ लोग सामाजिक मुद्दा बना रहे हैं. मैंने अपनी गलती मानी और माफी मांगी है. इसके साथ ही मैंने पैर धोए. वे हमारे पारिवारिक गुरु हैं, इसी कारण हमने ऐसा किया. युवक ने इसे राजनीतिक मुद्दा ना बनाने की अपील भी की है.

पुलिस ने लिया संज्ञान
दमोह पुलिस ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके लिखा कि थाना पटेरा अन्तर्गत ग्राम सतरिया में हुई घटना पर पुलिस द्वारा संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज की है. इस घटना में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस दोनों पक्षों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी कर रही है. क्षेत्र में पुलिस लगातार भ्रमण कर रही है. वरिष्ठ अधिकारियों और सुधी-संभ्रांत नागरिकों को भी क्षेत्र में संवाद कर शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए तत्पर किया गया है.

Check Also

शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल को फिर नोटिस, ED की याचिका पर 22 जुलाई को सुनवाई

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) से जुड़े कथित आबकारी नीति मामले में …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *