शंकराचार्य जी के आग्रह को प्रयागराज के प्रशासन ने बलपूर्वक ठुकरा कर सनातन का अपमान किया है- हरीश रावत

देहरादून. मौनी अमावस्या के अवसर पर शनिवार को प्रयागराज संगम पर स्नानार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी. श्रद्धालु बड़ी संख्या में डुबकी लगाने के लिए पहुंचे जिसके कारण संगम पर गहमागहमी की स्थिति हो गई थी. इस बीच ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी भी स्नान के लिए पहुंचे. लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक दिया. स्नान के लिए रोके जाने पर उनके भक्तों और पुलिस के बीच विवाद शुरू हो गया था.

इतनी ही नहीं प्रशासन ने बर्बरता दिखाते हुए बटुकों को चोटी पकड़कर भी घसीटा. जिसका वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है. इस प्रकरण को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत ने शासन-प्रासशन पर निशाना साधा है.

हरीश रावत ने एक पोस्ट में लिखा है कि ‘जिस प्रकार मां गंगा का उत्तराखंड के जीवन में महत्व है, उसी प्रकार का महत्व ज्योतिष पीठ का भी है. उत्तराखंड की बेटी गंगा के जल में स्नान करने के पूज्यपाद शंकराचार्य जी के आग्रह को प्रयागराज के स्थानीय प्रशासन द्वारा बलपूर्वक ठुकरा कर सनातन का अपमान किया गया है.’

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