रायपुर : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने भारत की एनर्जी सप्लाई चेन को हिलाकर रख दिया है। प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरो की सीमित सप्लाई का असर अब घरेलू गैस की मांग पर साफ दिखाई देने लगा है। खासकर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले घरेलू गैस सिलिंडर की रिफिलिंग में अचानक बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। खाद्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले दस दिनों में उज्ज्वला उपभोक्ताओं की गैस रिफिलिंग दर 22 प्रतिशत से बढ़कर 47 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इससे गैस बुकिंग की संख्या तेजी से बढ़ी है और कई जगह गैस एजेंसियों पर भारी भीड़ भी देखने को मिल रही है।
OTP से उपभोक्ता परेशान
इन दिनों गैस सिलिंडर लेने पहुंचे ग्राहकों तकनीकी समस्याओं के कारण भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पहले गैस बुकिंग के लिए मिस कॉल करने पर तुरंत ओटीपी मिल जाता था, लेकिन अब वाट्सएप नंबर के माध्यम से बुकिंग की व्यवस्था होने से ओटीपी आने में काफी समय लग रहा है।
कई मामलों में ग्राहकों को आधे से एक घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। गैस गोदामों में बड़ी संख्या में लोग सिलिंडर लेने पहुंचे, लेकिन ओटीपी देर से मिलने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा।
गोदाम में मौजूद कर्मचारियों के अनुसार ऑनलाइन डिलीवरी के बाद गोदाम में केवल करीब 140 ग्राहकों को ही गैस मिल पाती है, जबकि सुबह से बड़ी संख्या में लोग लाइन में लगे रहते हैं। इससे वितरण की प्रक्रिया धीमी हो रही है और उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ रही है।
गैस एजेंसियों में सॉफ्टवेयर समस्या
प्रदेश की कई गैस एजेंसियों में कंपनी का सॉफ्टवेयर देर से खुलने या तकनीकी समस्या के कारण काम नहीं कर रहा है। इसके चलते सिलेंडर लेने पहुंचे लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
कई जगह ग्राहक 9 बजे से पहले ही गैस एजेंसी पहुंचकर सिलिंडर की मांग करने लगते हैं, लेकिन सॉफ्टवेयर के नहीं चलने से वितरण प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाती है ।
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