रायपुर। छत्तीसगढ़ में TET अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों के बीच चिंता का माहौल बन गया है। प्रदेशभर के कई शिक्षक संगठनों का कहना है कि अगर TET को अनिवार्य कर दिया गया तो बड़ी संख्या में पहले से काम कर रहे शिक्षकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
इसी मुद्दे को लेकर 15 मार्च को रायपुर में एक अहम बैठक बुलाई गई है। यह बैठक राजपत्रित कर्मचारी संघ कार्यालय में दोपहर 12 बजे से होगी, जिसमें प्रदेशभर के शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक अलग-अलग जिलों से शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल होंगे। बैठक में TET अनिवार्यता से होने वाली संभावित परेशानियों पर चर्चा की जाएगी और सरकार के सामने क्या मांग रखनी है, इस पर भी रणनीति बनाई जाएगी।
बताया जा रहा है कि अगर TET अनिवार्य हुआ तो प्रदेश के करीब 80 हजार शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। यही वजह है कि अब शिक्षक संगठन एकजुट होकर आगे की रणनीति बनाने की तैयारी में हैं।
15 मार्च को होने वाली यह बैठक शिक्षकों के भविष्य के लिए काफी अहम मानी जा रही है। इसमें यह भी तय हो सकता है कि अगर मांगों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आगे आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।
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