छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों के दल की गतिविधियां बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। बीती रात हाथियों ने अलग-अलग गांवों में घुसकर सात किसानों की फसलों को रौंद दिया। इसमें सब्जी, मूंगफली, गन्ना और केले की फसल को नुकसान पहुंचा है। साथ ही खेतों में लगी फेंसिंग और पोल भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार रायगढ़ वन परिक्षेत्र के बंगुरसिया इलाके में ओडिशा की ओर से एक हाथी जंगल से निकलकर गांव की ओर आ गया। हाथी ने एक किसान की फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद वापस जंगल की ओर रुख कर लिया। वहीं ओडिशा से आया एक अन्य हाथी जुनवानी गांव तक पहुंच गया, जहां उसने कई किसानों की फसलों को रौंद दिया।
बताया जा रहा है कि हाथी ने खेतों में लगी फेंसिंग पोल और बारबेट जाली को भी नुकसान पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मचारियों ने हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन वह रातभर गांव के आसपास ही डटा रहा और सुबह होने से पहले बंगुरसिया की ओर लौट गया।
इस घटना में प्रभावित किसानों में रामप्रसाद डनसेना, दशमी साव, उग्रसेन साव, रूपचंद पटेल और कृष्ण गोपाल माली समेत अन्य किसान शामिल हैं, जिनकी फसलों को नुकसान पहुंचा है। धरमजयगढ़ वन मंडल के क्रोंधा क्षेत्र में भी हाथियों ने एक किसान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। इस वन मंडल में हाथियों की बड़ी संख्या मौजूद है और उनके अलग-अलग समूह जंगलों में विचरण कर रहे हैं।
वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में कुल 74 हाथी मौजूद हैं। इनमें से 29 हाथी रायगढ़ वन मंडल में और 45 हाथी धरमजयगढ़ वन मंडल में विचरण कर रहे हैं। घरघोड़ा रेंज के जंगलों में 24 हाथियों का समूह मौजूद है, जबकि अन्य रेंजों में एक से दो हाथियों के छोटे-छोटे दल देखे जा रहे हैं।
हाथियों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की टीम उनके मूवमेंट पर नजर रख रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter