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कौन हैं पूर्व IPS राजेश कुमार? प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के बाद राजनीति में आजमा रहे भाग्य, BJP ने बंगाल चुनाव में बनाया प्रत्याशी

Bengal Election: पश्चिम बंगाल में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं. लगभग सभी दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी दूसरी सूची जारी कर दी है, जिसमें 111 उम्मीदवारों का नाम शामिल है. इस सूची में 2 महीने पहले रिटायर हुए आईपीएस अधिकारी डॉ. राजेश कुमार का भी नाम शामिल है. जानें कौन हैं पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, जिन्हें भाजपा ने जगतदल विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है?

कौन हैं डॉ. राजेश कुमार?
डॉ. राजेश कुमार 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. इन्हें भाजपा ने विधानसभा प्रत्याशी बनाया है. राजेश कुमार ने पश्चिम बंगाल में कई सालों तक अहम पदों पर जिम्मेदारी निभाई है. जनवरी 2025 में जन शिक्षा एवं पुस्तकालय सेवा विभाग के प्रधान सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे. इसके बाद उन्होंने राजनीति में किस्मत आजमाने का प्रयास किया और भाजपा ने उन्हें टिकट दे दिया.

लोकसभा चुनाव 2019 के समय कोलकाता पुलिस कमिश्नर रहे
डॉ. राजेश कुमार ने साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान 50 दिनों तक कोलकाता पुलिस कमिश्नर के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी. उनकी शिक्षा की अगर बात की जाए, तो डॉ. राजेश कुमार इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया और इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के फेलो सदस्य रह चुके हैं. उन्होंने फाइनेंस में पीएचडी और फाइनेंस व ह्यूमन रिसोर्स में एमबीए किया है. पढ़ाई के साथ ही उनके पास प्रशासनिक अनुभव काफी लंबा है.

पूर्व IPS राजनीति में आजमा रहे भाग्य
पूर्व आईपीएस राजेश कुमार ने अपने करियर के दौरान कई कई बड़े पदों पर जिम्मेदारी संभाली है. उन्होंने सीआईडी प्रमुख और ट्रैफिक व सड़क सुरक्षा के डीजीपी जैसे पदों पर भी काम किया है. उन्हें ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ और ‘मुख्यमंत्री पदक’ भी मिल चुका है. अब डॉ. राजेश कुमार प्रशासनिक जिम्मेदारी छोड़कर राजनीति के कदम रख चुके हैं. भाजपा ने उन्हें विधानसभा का उम्मीदवार बनाया है, लेकिन उनके सामने टीएमसी किसी चुनौती से कम नहीं है. अब देखना यह होगा कि आखिर इन चुनौतियों से कैसे पार पाएंगे. बंगाल में चुनाव 23 और 29 अप्रैल को है, जिसके परिणाम 4 मई को आएंगे.

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